DPIFF के एमडी अनिल मिश्रा का नववर्ष संदेश: प्रेम, संस्कृति और संस्कारों का सशक्त आह्वान
नववर्ष पर अनिल मिश्रा का युवाओं को संदेश प्यार,संस्कृति और शिक्षा से बनेगा सशक्त भारत

मुंबई:भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली मंचों में शुमार दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DPIFF) ने एक बार फिर अपनी गरिमा और प्रभाव को सिद्ध करते हुए एक नई ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। इस अवसर पर DPIFF के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल मिश्रा ने देशवासियों और दुनिया के कोने-कोने में बसे सभी भारतीयों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।हिन्द एकता टाइम से विशेष बातचीत के दौरान अनिल मिश्रा ने युवाओं को एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि “प्यार और मोहब्बत दीजिए, प्यार और मोहब्बत लीजिए।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश की समृद्ध संस्कृति को आगे बढ़ाएं, राष्ट्रीय गरिमा को बनाए रखें और भारतीय संस्कारों व शिक्षा को अपने जीवन का आधार बनाएं।अनिल मिश्रा ने विशेष रूप से संस्कृत और शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संस्कृत शिक्षा ही जीवन के मूल मूल्यों की आधारशिला है, जो समाज को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाती है।अपने संदेश के अंत में उन्होंने बॉलीवुड, हॉलीवुड और संपूर्ण मनोरंजन जगत से जुड़े सभी कलाकारों,रचनाकारों और कला प्रेमियों को भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DPIFF) के माध्यम से अनिल मिश्रा न केवल भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिला रहे हैं, बल्कि समाज को सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का भी सराहनीय कार्य कर रहे हैं।



