Gazipur News : डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार ने किया सदर विधानसभा के मतदेय स्थल का औचक निरीक्षण, एसआईआर अभियान की जानकारी ली
Gazipur News : डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार ने किया सदर विधानसभा के मतदेय स्थल का औचक निरीक्षण, एसआईआर अभियान की जानकारी ली
गाज़ीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार ने सदर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लूदर्स कॉन्वेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज स्थित मतदेय स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत संचालित कार्यों की जानकारी ली तथा उपस्थित नागरिकों से संवाद कर निर्वाचक नामावली से संबंधित स्थिति जानी।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है, जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश में निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन 6 जनवरी 2026 को किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी 2026 से जनपद के सभी बूथों पर बीएलओ ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ उपस्थित हैं, जहाँ नागरिक अपने नाम की जांच कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है। फॉर्म-6 ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भरा जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए voter.eci.gov.in पोर्टल अथवा वोटर हेल्पलाइन ऐप का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन के बाद बीएलओ द्वारा नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिन नागरिकों ने पहले से अपना मोबाइल नंबर मतदाता सूची से लिंक कर रखा है, वे वोटर हेल्पलाइन ऐप पर मोबाइल नंबर दर्ज कर अपने परिवार के सभी सदस्यों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में एक साथ देख सकते हैं। जिनका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वे भी voter.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना नाम खोज सकते हैं। यदि सत्यापन के बाद भी नाम सूची में नहीं मिलता है, तो फॉर्म-6 भरना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि यदि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता या दादा-दादी में से किसी का नाम दर्ज रहा हो, तो उसका विवरण देने से सत्यापन प्रक्रिया सरल हो जाती है।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की फोटो खराब है अथवा जो “नो मैपिंग” की श्रेणी में आते हैं, वे अपने संबंधित बूथ पर उपस्थित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक सुधार करा सकते हैं।
दस्तावेजों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे नागरिकों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध पहचान पत्रों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। 1 जुलाई 1987 के बाद एवं दिसंबर 2004 से पूर्व जन्मे नागरिकों को स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा, जबकि 2004 के बाद जन्मे नागरिकों को स्वयं तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने बताया कि सभी बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है, एसडीएम स्तर के अधिकारी भी तैनात हैं और पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए नागरिक वोटर हेल्पलाइन ऐप अथवा निर्वाचन आयोग के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। नई सुविधा के अंतर्गत नागरिक बीएलओ को कॉल रिक्वेस्ट भी भेज सकते हैं, जिस पर संबंधित बीएलओ स्वयं संपर्क करेंगे।



