आजमगढ़ मे राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान की जमीन पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों की बैठक में जोरदार विरोध
Allegations of encroachment on the land of Ram Janaki Mandir Seva Sansthan in Azamgarh, villagers strongly protest in the meeting

आजमगढ़। विकासखंड सठियाव के शाहगढ़ गांव में रविवार को ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जोरदार विरोध किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि शाहगढ़ में मुबारकपुर रोड स्थित राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान की जमीन पर शाहगढ़ निवासी कन्हैया अग्रवाल, भरत अग्रवाल और नरसिंह अग्रवाल के परिवार के लोग कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि यह जमीन पहले से ही राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान के नाम दर्ज थी और इसका उपयोग सार्वजनिक कार्यों और धार्मिक आयोजनों के लिए किया जाता रहा है।ग्रामीणों के अनुसार, पहले गांव के लोगों की सहमति से इस जमीन की देखभाल की जिम्मेदारी कन्हैया अग्रवाल के परिवार को दी गई थी। लेकिन अब आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से कूट रचित दस्तावेज तैयार कराकर इस जमीन को अपने नाम कराने की साजिश रची है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने बैठक कर इसका विरोध जताया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस जमीन को सार्वजनिक उपयोग के लिए खाली रखा जाना चाहिए, ताकि यहां पर मेला और अन्य सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें।इस मामले में आजाद अधिकार सेना के जिला उपाध्यक्ष आजमगढ़ सुनील चौधरी ने भी प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान के नाम से ग्राम सभा में जमीन दर्ज है, लेकिन गांव के कुछ लोग कूट रचित दस्तावेज बनवाकर अपना नाम चढ़वाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गलत तरीके से दर्ज किए गए नामों को निरस्त कर जमीन को पुनः राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान के नाम दर्ज कराया जाए।ग्रामीणों ने प्रशासन और मुख्यमंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप कर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



