आजमगढ़ जेल में 1251 बंदी निरुद्ध, निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा

निरीक्षण के दौरान हिस्ट्रीटिकट में अधिवक्ताओं की प्रविष्टि न मिलने पर दिए गए निर्देश

आजमगढ़ 16 मार्च 2026- उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ व  जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नितिका राजन द्वारा आज जिला कारागार, आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया। आज की तिथि में 1251 बन्दी निरूद्ध है, जिसमें 50 महिला बन्दी तथा 1201 पुरूष बन्दी निरूद्ध है।सर्वप्रथम सचिव द्वारा बाल बैरक का निरीक्षण किया गया, जिसमें कुल 56 अल्पवयस्क बन्दी निरूद्ध पाये गये, जिनसे अधिवक्ता के सम्बन्ध में पूछे जाने पर अल्पवयस्क बन्दी आकाश पुत्र रामदवर द्वारा बताया गया कि मुकदमें के पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित नहीं है, जिस पर जेल अधिकारी को अधिवक्ता प्रदान कराये जाने के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में साफ-सफाई का उचित प्रबन्ध पाया गया।जेल लीगल एड क्लीनिक में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व कुर्सी, मेज का उचित प्रबन्ध पाया गया। निरीक्षण के समय कारागार में कार्यरत 04 जेल पराविधिक स्वयं सेवक उपस्थित रहे तथा उनके द्वारा बताया गया कि जिन बन्दी के पास अधिवक्ता नहीं है, उनका प्रार्थना पत्र लिखकर व जेल अधीक्षक द्वारा सत्यापित कराकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित किया जाता है। पाकशाला निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि पाकशाला में प्रतिदिन का मेनू अंकित किया जाता है, जिसमें आज रोटी, चावल, अरहर दाल, सब्जी बनी थी। पाकशाला में सफाई व हाइजीन की व्यवस्था तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पायी गयी। निरीक्षण के समय बन्दियों के हिस्ट्रीटिकट में प्रविष्टियां दर्ज नहीं पायी गयी, जिस पर जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि सभी बन्दियों के टिकट पर प्राइवेट अथवा सरकारी अधिवक्ता का नाम दर्ज कराये, जिससे कि बन्दी के मुकदमें की पैरवी के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हो सके।जेल में स्थित चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें कुल 06 पुरूष बन्दी भर्ती पाये गये। जेल अधिकारी द्वारा बताया गया कि जेल में बन्दियों के स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण हेतु मण्डलीय चिकित्सालय से चिकित्सक नामित किये गये है। महिला बैरक का भी निरीक्षण किया गया। जिसमें महिला बन्दियों से उनके मुकदमें के बारे में पूछे जाने पर महिला बन्दियों द्वारा बताया गया कि उनकेे मुकदमें की पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित है। महिला हेतु बनाये गये पाकशाला में साफ-सफाई उचित पायी गयी।इस मौके पर जेल अधीक्षक आनन्द शुक्ला, जेलर अनिल सिंह, डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह, चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल आशीष कुमार राय, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल प्रवीण कुमार सिंह, असिस्टेन्ट लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल अतुल कुमार राय तथा जेल के पराविधिक स्वयं सेवक उपस्थित रहे।

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