नीट परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हो जांच:कांग्रेस

NEET exam case to be probed under Supreme Court: Congress

नई दिल्ली, 7 जून : कांग्रेस ने मेडिकल परीक्षा नीट के आयोजन और रिजल्ट पर प्रश्न उठाए हैं। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि आखिर कैसे एक साथ 67 टॉपर को नीट परीक्षा में 720 में से पूरे 720 अंक मिल गए। इसके अलावा कांग्रेस ने यह भी प्रश्न उठाया है कि एक ही सेंटर के 8 बच्चे कैसे 720 में से 720 अंक हासिल कर टॉपर बन गए। पार्टी ने अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में जांच की मांग की है।

 

 

कांग्रेस का यह भी कहना है कि जब परीक्षा में हर सवाल 4 नंबर का था तो फिर छात्रों के 718-719 नंबर कैसे आए। कांग्रेस ने नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने का आरोप लगाया और कहा परिणाम में 67 छात्रों को 720 में से 720 अंक मिलना बड़ा संदेह पैदा करता है।

 

 

 

 

 

शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय में इस विषय पर पार्टी नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने जो सफाई दी है वह बहुत अजीब है। कन्हैया के मुताबिक एनटीए का कहना है कि उन्होंने कई छात्रों को ग्रेस अंक दिए, जिसकी वजह से उनका स्कोर 720 पहुंच गया। 67 टॉपर आए हैं। इसका मतलब यह है कि देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान एम्स में भी टॉपर्स को दाखिला नहीं मिल पाएगा। यहां केवल 50-60 छात्रों को दाखिला मिल पाता है।

 

 

 

 

कांग्रेस ने घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में लाखों परीक्षार्थियों के साथ घोटाला पूरी तरह से अस्वीकार्य और अक्षम्य है। यह देश के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है, जिसकी सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में उच्च स्तरीय जांच तुरंत होनी चाहिए।

 

 

 

 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, इस साल पहले पेपर लीक होने का समाचार आया, जिसे दबा दिया गया। अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के कई परीक्षार्थियों ने छात्रों के अंक बढ़ाए जाने के आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि इस बार रिकॉर्ड 67 परीक्षार्थियों ने टॉप रैंक हासिल की और इनमें से कई अभ्यर्थी तो एक ही परीक्षा केंद्र से बताए जा रहे हैं।

 

 

 

 

 

कांग्रेस पार्टी ने कहा कि सवाल यह है कि आखिर छात्रों के साथ ये धोखा कैसे हुआ, किसने किया और क्यों यह परिणाम जानबूझकर 4 जून को चुनाव नतीजों के शोर में घोषित किया गया, जबकि इसे 14 जून को घोषित होना था। ऐसे में छात्रों का इस परीक्षा की शुचिता में विश्वास बहाली बेहद जरूरी है, जो निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही संभव है।

 

 

 

 

 

वहीं इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार नीट समेत कई परीक्षाओं का अभिन्न अंग बन गई है। इसकी सीधी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। अभ्यर्थियों के लिए भर्ती परीक्षाओं में भाग लेना, फिर अनेकों अनियमितताओं से जूझना, पेपर लीक के चक्रव्यूह में फंसना, उनके भविष्य से खिलवाड़ है।

 

 

 

 

 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने देश के युवाओं को ठगा है। हमारी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एक उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए जिससे नीट व अन्य परीक्षाओं में भाग लेने वाले हमारे प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को न्याय मिले।

 

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