नीरज चोपड़ा-किशोर जेना जैवलिन में भारत को दिला सकते हैं पदक

Neeraj Chopra-Kishore Jena can get medals for India in javelin

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नई दिल्ली, 14 जुलाई: किसने सोचा था कि ओलंपिक में भारत जैवलिन थ्रो में एक मजबूत दावेदार होगा। यह एक ऐसा खेल है, जहां भारत कई वर्षों तक संघर्ष करता आया है। लेकिन पहले जूनियर मंच और फिर भारत के लिए ऐतिहासिक टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा के रूप में भारत को पदक का एक मजबूत दावेदार मिला।

 

 

यहां से देश भर में जैवलिन की एक ऐसी लहर पैदा हुई कि चंद वर्षों में ही भारत जैवलिन का पावरहाउस बन गया। जैवलिन में ऐसा दबदबा कभी जर्मनी और चेक गणराज्य का हुआ करता था।

 

‘गोल्डन ब्वाय’ नीरज चोपड़ा की स्वर्णिम सफलता ने तो अनगिनत भारतीय थ्रोअर्स को प्रेरित किया है, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण किशोर जेना हैं। इस एथलीट ने बेशक नीरज चोपड़ा जितनी सुर्खियां नहीं बटोरी लेकिन कौशल में किशोर जेना भी नीरज से किसी भी पैमाने पर कम नहीं हैं।

 

भारतीय जैविलन थ्रोअर एथलीटों ने एशियन गेम्स में भी हिस्सा लिया था। जहां नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण के लिए 88.88 मीटर का थ्रो किया था। वहीं, किशोर जेना ने 87.54 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया था।

 

टोक्यो ओलंपिक जैवलिन थ्रो फाइनल में, चोपड़ा प्रतिस्पर्धा करने वाले एकमात्र भारतीय थे। पिछले सीज़न में दमदार प्रदर्शन के बाद इस बार किशोर जेना के भी मैदान में उतरने की उम्मीद है।

 

दुनिया के उभरते भाला फेंक एथलीटों में से एक के रूप में किशोर जेना की साख और उनकी मौजूदा फॉर्म ने नीरज चोपड़ा को विश्वास दिलाया है कि दोनों भारतीय एथलीट इस साल के अंत में पेरिस 2024 ओलंपिक में पोडियम साझा कर सकते हैं।

 

पेरिस ओलंपिक 2024 के शुरू होने में अब सिर्फ दो हफ्ते बचे हैं। भारत के शीर्ष एथलीटों में उत्साह बढ़ता जा रहा है, जो फ्रांस की राजधानी में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। इस बार ओलंपिक में भारतीय एथलीट्स के पास पुराने सारे रिकॉर्ड्स ध्वस्त करने का सुनहरा मौका रहेगा, क्योंकि भारतीय दल में दुनिया के कई बेहतरीन एथलीट शामिल हैं।

 

ओलंपिक इस साल का सबसे बड़ा इवेंट है, जिसका आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस में 26 जुलाई से 11 अगस्त तक होगा। भारत का प्रतिनिधित्व अगल-अलग खेलों में लगभग 120 खिलाड़ियों का दल करेगा। इस समूह में पहली बार ओलंपिक खेलने जा रहे और अनुभवी दिग्गज दोनों शामिल हैं।

 

2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों की ओर से ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिला था। इस बार भारतीय दल से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

 

2020 टोक्यो ओलंपिक में पिछली बार भारत के नाम कुल 7 मेडल रहे थे। अब तक ओलंपिक खेलों में यह भारतीय खिलाड़ियों को बेस्ट प्रदर्शन था और उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक का रिकॉर्ड तोड़ा था। 2012 लंदन ओलंपिक में भारत ने 6 मेडल जीते थे।

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