आरटीई में चयनित छात्रों से मेंटेनेंस के नाम पर तीन हजार से चार हजार की वसूली

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रिपोर्ट:चंदन शर्मा
आजमगढ़/ रानी की सराय। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार द्वारा आरटीई के तहत प्रदेश के सभी प्राइवेट स्कूलों में मुक्त शिक्षा देने का दावा कर रही है वहीं कुछ विद्यालयों में मुक्त शिक्षा के नाम पर वसूली की जा रही है आरटीई के तहत बच्चों को कक्षा 1 से 8 तक मुक्त शिक्षा देना है ।वही फीस और किताबों के दाम भी सरकार द्वारा बजट देकर के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में जाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है वहीं प्राइवेट और नामचीन विद्यालय द्वारा अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जा रही है कुछ विद्यालयों में तो ऐसा भी है कि कक्षा एक में तो उनसे कुछ भी नहीं लिया जा रहा है वही बच्चे अगली कक्षा में पहुंच जाते हैं तो उनसे फीस की वसूली की जाती है शासनादेश के अनुसार विद्यालयों का कहना है कि ग्राम सभा के विद्यालयों में ही बच्चों का प्रवेश किया जा रहा है गांव क्षेत्र के ऐसे कुछ गांव है जहां पर आरटीई के तहत एक भी विद्यालय मैप नहीं किए गए ऐसे में अगर उसे गांव का बच्चा बगल के गांव में पढ़ना चाहता है तो लॉटरी में नाम निकालने के लिए भी पैसों की वसूली की जा रही है कभी बीएससी कार्यालय द्वारा तो कभी खंड शिक्षा कार्यालय द्वारा आवेदनों को निरस्त कर दिया जा रहा है। अबकी सत्र में चार चरण में लॉटरी प्रक्रिया का कार्यक्रम जारी हो गया है ।

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