रानी की सराय का ऐतिहासिक मेला बृहस्पतिवार को, पूजा पंडालों की तैयारी पूरी
चार किलोमीटर में सजेगा मेला, रंग-बिरंगी रोशनी से जगमग हुआ कस्बा
रानी की सराय, आजमगढ़। पूर्वांचल में विशिष्ट पहचान रखने वाले रानी की सराय कस्बे का ऐतिहासिक मेला बृहस्पतिवार को लगेगा। मेले को लेकर पूजा समितियों ने पंडालों की तैयारी पूरी कर ली है। कस्बे की दोनों प्रमुख सड़कों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। वहीं, आकर्षक ढंग से सजाए गए पूजा पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन के लिए पट खोल दिए गए हैं। मेले को लेकर स्थानीय लोगों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह है।
एक दर्जन पूजा समितियों ने स्थापित की प्रतिमाएं
रानी की सराय का ऐतिहासिक मेला लगभग चार किलोमीटर के क्षेत्र में लगता है। यहां करीब एक दर्जन पूजा समितियों की ओर से भव्य पंडाल स्थापित कर मां दुर्गा की प्रतिमाएं रखी गई हैं। आजाद दल, नवयुवक शंकर दल, नवयुवक मंगल दल, शक्ति दल, आजाद हिंद कमेटी, प्रभात तरुण दल, नवयुवक संघ, भारतीय युवक संघ और दुर्गा पूजा कमेटी सहित अन्य समितियों ने प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजाया है। पंडालों में की गई सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।
दर्शन-पूजन के लिए खुल गए पंडालों के पट
मेले से पहले ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हो गया है। कस्बे की सड़कों और पंडालों को आकर्षक विद्युत झालरों से सजाया गया है। मेले में दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए पूजा समितियां तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी रहीं।
रामलीला कमेटी करेगी रथयात्रा, रावण दहन
मेले के अवसर पर रामलीला कमेटी की ओर से रथयात्रा निकालने के साथ ही रावण दहन का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है। ऐतिहासिक मेले में दुर्गा पूजा, आकर्षक सजावट और धार्मिक आयोजनों के बीच बृहस्पतिवार को कस्बे में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।



