ठेकमा ब्लॉक में शिक्षक निर्वाचन के लिए पड़े 328 वोट, पार्टी सिंबल पर चुनाव बना चर्चा का विषय

328 votes were cast in the Thekma block teacher election, and the election on party symbols became a topic of discussion.

ठेकमा,आजमगढ़ गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के तहत शुक्रवार को ठेकमा ब्लॉक परिसर में मतदान कराया गया। सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक चले मतदान में शिक्षकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ब्लॉक क्षेत्र में कुल 449 मतदाताओं का विवरण था, जिनमें चार मतदाताओं के मृत होने की जानकारी के बाद 445 मतदाता शेष रहे। इनमें कुल 328 शिक्षकों ने मतदान किया।73.71%निर्वाचन में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी तथा निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह, राजीव यादव और अजीत कुमार सिंह मैदान में थे। मतदान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। खंड विकास अधिकारी जयप्रकाश की उपस्थिति में मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई गई। बरदह थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, जबकि ठेकमा चौकी प्रभारी राजेंद्र पटेल निगरानी करते रहे। पूरे दिन मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
मतदान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक और जनप्रतिनिधि भी सक्रिय नजर आए। सपा के कैंप में एजेंट रोहित यादव के साथ सपा विधायक बेचई सरोज, विजय यादव, गुड्डू यादव, अनिल यादव, अरविंद यादव, गोविंदा गौतम और लल्लन यादव,मुन्ना सरोज प्रधान, अरविंद सरोज महाप्रधान, राजेंद्र यादव महाप्रधान, विजय यादव प्रधान, मनीष सिंह,पंकज यादव,नंदलाल सरोज, सद्दाम कोटेदार,सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

वहीं भाजपा के कैंप में पूर्व ब्लॉक प्रमुख भूपेंद्र सिंह मुन्ना, पूर्व सांसद संगीता आजाद, पूर्व विधायक अरिमर्दन आजाद, गोपाल राय राष्ट्रीय महासचिव हिंदू महासभा,भाजपा जिला प्रभारी लालगंज दुर्गविजय राय, यशवंत सिंह, डीसीएफ अध्यक्ष चंदेश्वर राय, महिला मोर्चा जिलाअध्यक्ष लालगंज सुनीता भारती, बंशीधर पाठक, नवीन राय, बरदह मंडल अध्यक्ष, ठेकमा मंडल अध्यक्ष सिनोद मौर्य, प्रधान संघ अध्यक्ष प्रमोद राय, हेमंत तिवारी और संतोष सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। विभिन्न पक्षों की ओर से अपनी व्यवस्था के अनुसार बसों से शिक्षकों को मतदान स्थल तक लाया गया।

इस बार शिक्षक निर्वाचन में राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों और पार्टी सिंबल को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा होती रही। शिक्षकों के बीच यह मुद्दा भी चर्चा का विषय रहा कि पहले शिक्षक निर्वाचन में पार्टी सिंबल के बिना चुनाव होने की परंपरा देखने को मिलती थी, जबकि इस बार राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और कार्यकर्ता सक्रिय दिखाई दिए। मतदान के दौरान शिक्षकों ने इस बदलाव को लेकर आपस में चर्चा की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button