तटरक्षक बल के लिए 387 करोड़ रुपये के एयर कुशन वाहन
387 crore Air Cushion Vehicles for Coast Guard

नई दिल्ली:। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए 387.44 करोड़ रुपये की कुल लागत से छह एयर कुशन वाहनों (एसीवी) की खरीद का फैसला किया है। गुरुवार को यह निर्णय लिया गया। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इन प्लेटफार्मों की खरीद का उद्देश्य भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता को बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित व बल को सशक्त करना है।
इन आधुनिक एसीवी का उपयोग बहुउद्देशीय समुद्री भूमिकाओं के लिए किया जाएगा, जिसमें उच्च गति तटीय गश्त, टोही, अवरोधन, खोज-बचाव अभियान और संकट में जहाजों और नौकाओं की सहायता सम्मिलित है।
एयर कुशन वाहनों की खरीद के लिए चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, गोवा के साथ गुरुवार को एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इन्हें स्वदेशी खरीद श्रेणी के अंतर्गत क्रय किया जाएगा। अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के उपरांत रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ये एयर कुशन वाहन पहली बार भारत में स्वदेशी रूप से निर्मित किए जाएंगे। यह सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।
एयर कुशन वाहन का स्वदेशी रूप से निर्माण देश के पोत परिवहन परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण चरण का प्रतिनिधित्व करता है। यह परियोजना स्वदेशी निर्माण में सहायक है। खास तौर पर यह एमएसएमई क्षेत्र की तकनीकी विशेषज्ञता और विकास को भी महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी।
गौरतलब है कि भारतीय तटरक्षक दल समुद्री तटों की सुरक्षा के आपात स्थिति में मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराता है। इन दिनों चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के बीच पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों से टकराने की आशंका है। तूफान की आशंका को देखते हुए तटरक्षक बल (आईसीजी) ने इस क्षेत्र में कई एहतियाती उपाय किए हैं।
तटरक्षक बल ने समुद्र में जान-माल की सुरक्षा के लिए भी उपाय किए हैं। आईसीजी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। चक्रवात से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
आईसीजी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जहाजों, विमानों और रिमोट ऑपरेटिंग स्टेशनों की मदद से मछुआरों और नाविकों को मौसम की नियमित चेतावनी और सुरक्षा सलाह भी प्रसारित कर रहा है।



