अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड पवेलियन आकर्षण का केंद्र
New Delhi: The launch of International Trade Mela took place on Thursday. At the same time, the Jharkhand Pavilion was inaugurated by Jitendra Kumar Singh, Secretary of the Industries Department. This year, the region participating in the trade fair, Jharkhand has emerged as a major center of attraction. The theme of this year's fair is Developed India, in which a glimpse of the developed Jharkhand can be seen in the state pavilion. In the fair Jharkhand region is exhibiting products and departments of its region under the focus state category.

नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का शुभारंभ गुरुवार को हो गया। वहीं झारखंड पवेलियन का उद्घाटन उद्योग विभाग के सचिव जितेन्द्र कुमार सिंह ने किया।व्यापार मेले में इस वर्ष सहभागी प्रदेश झारखंड आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। जिसमें विकसित झारखंड की झलक देखने को मिल रही है।इस साल मेले की थीम विकसित भारत है, जिसको केंद्र में रखकर विकसित झारखंड की झलक राज्य पवेलियन में देखी जा सकती है। मेले में झारखंड प्रदेश फोकस स्टेट की श्रेणी में अपने प्रदेश के उत्पादों और विभागों की प्रदर्शनी कर रहा है।व्यापार मेले में इस वर्ष सहभागी प्रदेश झारखंड आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। झारखंड पवेलियन प्रगति मैदान के गेट नंबर 5 बी के निकट हाल नंबर 1 में बनाया गया है। झारखंड पवेलियन में प्रादेशिक वस्तुओं की बिक्री के कई स्टॉल लगाए गए है। जहां से मेले में आने वाले दर्शक क्षेत्रीय उत्पादों की खरीदारी कर सकेंगे।
मेले के उद्घाटन समारोह में झारखंड उद्योग सचिव जीतेन्द्र कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर झारखण्ड पवेलियन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर झारखंड के उद्योग निदेशक सुशांत गौरव, भारत सरकार के निदेशक हर्ष मंगला और अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे।
उद्घाटन के अवसर पर झारखण्ड उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि व्यापार मेले में इस वर्ष भी हमारी सहभागिता पर प्रदेश को गर्व है। पवेलियन में प्रदेश की तमाम उपलब्धियों और प्रेरणा स्रोतों को प्रदर्शित किया जा रहा है। इस वर्ष पवेलियन में प्रादेशिक उत्पादों की स्टॉल के अलावा झारखण्ड के विभिन्न विभागों को भी विशेष स्थान दिया गया है। व्यापार मेला अपने प्रदेश को और प्रादेशिक वस्तुओं को प्रदर्शित करने का अच्छा मंच है।
झारखंड प्रदेश में देश की कुल खनिज संपदा का 40 प्रतिशत हिस्सा है। इसके चलते इससे जुड़े व्यवसाय और उत्पादन संबंधी देश की प्रमुख कम्पनियां भी इस प्रदेश में निवेश करती है और तमाम उद्योग स्थापित करती है।
झारखंड पवेलियन 15 नवंबर को अपने प्रदेश की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए एम्फी थियेटर में झारखंड दिवस का आयोजन कर रहा है। जिसमें झारखंड के लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
झारखंड पवेलियन में इस वर्ष सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पर्यटन, कला, संस्कृति, एवं युवा कार्य विभाग, झारखण्ड खादी, मुख्यमंत्री लघु उद्योग, झारखंड माटी कला, झारखण्ड इंडस्ट्री, झारखण्ड स्टेट लिवलीहुड, रांची स्मार्ट सिटी और झारक्राफ्ट, झारखंड राज्य सरकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ समिति, फिशरी विभाग, झारखंड राज्य सहकारी लाह क्रय विक्रय एवं आहरण संघ और सूचना एवं प्रौद्योगिकी जैसे विभागों को प्रदर्शित किया गया है।
झारखंड स्टॉल पर मौजूद एक दुकानदार ने कहा कि, “झारखंड में हमने एक ऐसी प्रणाली स्थापित की है जहां लगभग चार सौ आदिवासी महिलाएं काम करती हैं। वे डिजाइन का काम करते हैं। हम कृत्रिम सामग्री नहीं मिलाते हैं, इसलिए हमारी चूड़ियां बहुत टिकाऊ होती हैं। दिल्ली में महिलाएं यह देखने के लिए इंतजार कर रही हैं कि क्या झारखंड की चूड़ियां आ गई हैं।”
43वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) 14 नवंबर को शुरू हुआ, जिसमें झारखंड एक भागीदार राज्य है। मेले का एक प्रमुख आकर्षण झारखंड मंडप है, जो राज्य के विकास की झलक दिखाता है.



