ओट से पहले अबू हासिम आज़मी ने सलमान अजहरी से मिलकर चुनाव जितने का किया आगाज़, तो विपछचियों ने खोले साहब के कई राज

Amid the agitations for the Maharashtra Assembly elections, political tension continues over 'vote jihad'. On this issue, the party and the opposition are making fierce rhetoric. Some BJP leaders even said that funding has been done from abroad in Maharashtra in the name of vote jihad. Amidst all this, Samajwadi Party leader Abu Azmi met prominent Muslim cleric Mufti Salman Azhari and started the election campaign. During the meeting, Samajwadi Party Maharashtra unit president Abu Azmi and Mufti Azhari demanded that a strict law should be made to punish those who insult Prophet Muhammad. SP leader Abu Azmi took to social media platform X Salman Azhari. Sharing the video of the meeting, he wrote, "Has a special meeting with Mufti Salman Azhari Sahab and a conversation on Govandi issues. May Allah bless him and grant him peace, an anti-terror law should be made against him and we will not sit in peace until this law is made.” It's hot. BJP has termed it Vote Jihad. In the same episode, BJP leader Shehzad Poonawala wrote on X, "MVA's ally Samajwadi Party takes blessings from Mufti Salman, who is a fan of Gajawa e Hind. He was arrested on charges of hate speech threatening Hindus." Abu Azmi ki mufti seh rahe sef.

नई दिल्ली:। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच ‘वोट जिहाद’ को लेकर सियासी तनाव जारी है। इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष की तरफ से जमकर बयानबाजी की जा रही है। भाजपा के कुछ नेता ने तो यहां तक कह दिया कि वोट जिहाद के नाम पर लिए महाराष्ट्र में विदेश से फंडिंग की गई है। इन सबके बीच समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती सलमान अजहरी से मुलाकात करके चुनाव जितने का आगाज़ किया है।

मुलाकात के दौरान समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष अबू आजमी और मुफ्ती अजहरी ने मांग किया है कि पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने वालों को दंडित करने के लिए एक सख्त कानून बनाया जाना चाहिए।सपा नेता अबू आजमी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सलमान अजहरी से मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “मुफ्ती सलमान अजहरी साहब से खास मुलाकात और गोवंडी के मुद्दों पर हुई बातचीत। नामूस-ए-रिसालत हमारा मिशन है, हमारी मांग रही है कि जो भी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में गुस्ताखी करता है, उसके खिलाफ आतंक विरोधी कानून बनाया जाए और हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक ये कानून नहीं बनाया जाता।”,मुफ्ती सलमान अजहरी की सपा नेता अबू आजमी से इस मुलाकात को लेकर सियासत गर्मा गई है। भाजपा ने इसे वोट जिहाद करार दिया है। इसी कड़ी में भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर लिखा, “एमवीए की सहयोगी समाजवादी पार्टी मुफ्ती सलमान से आशीर्वाद लेती है, जो गजवा ए हिंद चाहते हैं। जिन्हें हिंदुओं को धमकी देने वाले नफरत फैलाने वाले भाषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अबू आजमी की मुफ्ती सलमान अजहरी से मुलाकात। हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। क्या उद्धव एमवीए से गठबंधन तोड़ेंगे। उन्होंने बाला साहेब ठाकरे को धोखा दिया है।”,शहजाद पूनावाला ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी एमवीए का हिस्सा हैं, उन्होंने मुफ्ती सलमान अजहरी से मुलाकात की और चुनाव जीतने का आशीर्वाद मांगा। यह वहीं मुफ्ती सलमान है, जिसने पहले कहा था कि ‘गजवा-ए-हिंद’ होगा। ये बहुत निंदनीय बात है कि एमवीए उनके समर्थन की अपेक्षा कर रहा है। वोट के लिए बालासाहब के विचारों की उद्धव ठाकरे ने तिलांजलि दे दी है। क्या वह वोट जिहाद और गजवा-ए-हिंद के साथ है? वह उन लोगों के साथ खड़े हैं, जिन्होंने मंदिर का विरोध किया था। आप इस मुलाकात को लेकर क्या कहना चाहेंगे? तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी मुस्लिम आरक्षण की बात करते है और आप चुप्पी साधे हुए हैं। ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ को सांप्रदायिक बताने वाले लोगों को बताना चाहिए कि वोट जिहाद की कोशिश धर्मनिरपेक्ष कैसे हो सकती है?
इससे पहले भाजपा के नेताओं की तरफ से दावा किया गया था कि ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने बीते दिनों महाविकास अघाड़ी को अपनी 17 मांगों वाला पत्र भेजा था। उलेमा बोर्ड ने अपने पत्र में कहा था कि वो आगामी विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी गठबंधन को समर्थन देने के लिए तैयार है। लेकिन, उसकी एक शर्त है कि जब महाविकास अघाड़ी सत्ता में आ जाए, तो उसकी मांगों को पूरा करे। इस पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पत्र लिखकर कहा कि उसे ये सभी मांगें मान्य हैं। उलेमा बोर्ड के अध्यक्ष नायब अंसारी ने इस पत्र को अपने सोशल मीडिया फेसबुक पर 31 अक्टूबर को सार्वजनिक किया।सूत्रों की मानें तो 15 नवंबर को जुम्मे की नमाज के बाद मस्जिदों से महाविकास अघाड़ी के पक्ष में मतदान करने की अपील की गई। जमीयत-ए-उलेमा मुंबई के अध्यक्ष मौलाना सिराज खान ने आईएएनएस से बात करते हुए लोगों से महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करने की अपील की है। मौलाना सिराज खान ने शुक्रवार को कहा कि महाविकास अघाड़ी की सरकार बनने के बाद वह चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बनें।मौलाना सिराज खान ने महाविकास अघाड़ी की सरकार के दौरान विशेष रूप से कोविड-19 संकट के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की नेतृत्व क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान महाराष्ट्र में हालात बहुत बेहतर थे। जबकि अन्य राज्यों में लोग मर रहे थे, लाशें गंगा में बहाई जा रही थी। लेकिन, महाराष्ट्र में लोगों को खाना, पानी और यात्रा की सुविधा मुहैया कराई गई। यही कारण है कि हम चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे फिर से मुख्यमंत्री बनें। उद्धव ठाकरे एक अच्छे इंसान हैं और समाज के हर वर्ग के लिए उनके दिल में सम्मान है। उन्होंने कहा कि उनका दिल बहुत अच्छा है, उन्होंने हर समाज के लिए बेहतरीन काम किया है। उनकी सरकार के दौरान महाराष्ट्र में कोई भी भेदभाव नहीं हुआ।मुस्लिम समुदाय और अन्य धर्मों के लोगों से महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मुृस्लिमों को अपने मत का उपयोग करना चाहिए और उन उम्मीदवारों को वोट देना चाहिए जो धर्मनिरपेक्ष और समाज के सभी वर्गों के लिए काम करने वाले हों। हमने सभी समुदायों से अपील की है कि वे 20 तारीख को चुनाव में वोट करें और महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवारों को समर्थन दें.मौलाना सिराज खान ने इस संदर्भ में एक पत्र जारी किया है। पत्र में उन्होंने खासतौर पर मुस्लिमों से वोट देने की अपील की है। यह पत्र उर्दू में लिखा गया था। उन्होंने इस पत्र के माध्यम से यह भी बताया कि महाराष्ट्र में जब महाविकास अघाड़ी की सरकार थी, तब पूरे राज्य में अमन-चैन और भाईचारे का माहौल था, जो अब सत्ता परिवर्तन के बाद बिगड़ गया है।भाजपा द्वारा ‘वोट जिहाद’ के आरोपों पर मौलाना सिराज खान ने कहा कि भाजपा नेता और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिहाद का सही मतलब समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले जब अपनी बात करते हैं तो उन्हें समझना चाहिए कि जिहाद का मतलब सिर्फ आतंकवाद नहीं है। यह एक धार्मिक और समाज सेवा का तरीका है, जिसे वे समझ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा का किसी संगठन को समर्थन करना ठीक है तो दूसरे समाज के लोगों का अपने अधिकार के लिए खड़ा होना गलत नहीं हो सकता।सिराज खान ने चुनावी माहौल में मुस्लिमों के लिए बढ़ती चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के खिलाफ माहौल बना दिया गया है, और खासकर महाराष्ट्र में स्थिति खराब हो गई है। हम चाहते हैं कि मुस्लिम शांतिपूर्वक और बिना किसी डर के अपना वोट डालें, ताकि प्रदेश में एक ऐसी सरकार बने जो सभी के लिए समर्पित हो और समाज में शांति कायम रखे।

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