कामावरी नदी की पवित्रता खोने का कारण भिवंडी और कल्याण का मार्केट विभाग

हिंद एकता टाइम्स भिवंडी
रवि तिवारी
भिवंडी -नदी, नाले,तालाब, झरने आदि प्राकृतिक सुन्दरता का अपनी एक निजी देन है।जिससे पीने का पानी,खेतों की सिंचाई, जानवरों के पीने के लिये पानी व मानव की शारीरिक सुध्दता के लिये संचय पानी प्रयोग में लाया जाता है। और महान भारत महान धार्मिक देश में नदियों को माता जैसे पवित्र नामों से संबोधित किया जाता है। परंतु भिवंडी महानगर पालिका व कल्याण डोंबेवली महानगर पालिका से गुजरने वाली कामावरी नदी इन प्रदूषण का शिकार होने के किरण असनी सुध्दता खो चुकी हैं। उसका मुख्य कारण दोनों ही महानगर पालिकाओं के मार्केट विभाग है।हम सिर्फ यदि भिवंडी की बात करें कामावरी नदी के तटों पर ग्रीनज्योंन क्षेत्रो में अतिक्रमण करने वालों व्दारा बांधकाम से शकरी होना, जगह जगह डंपिंग ग्राउंड का निर्माण करके कचरा डालना,तथा मार्केट का जानवरों को कुर्बानी के बाद बचे अवशिष्ट नदियों में फेकना, इसके अलावां औद्योगिक शहर होने के कारण कंपनियों व्दारा केमिकल युक्त पानी ,शहर के गटर का गंदा पानी,ड्रेनेज लाइन के गन्दे पानी को बगैर फिल्टर किये नदियों में छोड़ना ,तथा कोमल पाढा़, ईदगाह रोड,तीन बत्ती मार्केट से भारी मात्रा में जानवरों के अवशिष्ट नदियों में डडालने से नातो नदियों की पवित्रता खो रही है बल्कि दुर्गंध वाता वरण, के साथ साथ पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो रहा हैं। पानी इकठाठा ना होने से थोडा़ बहुत पानी जो आता है। वह भी किसी काम का नहीं रहता है। यहां तक की जानवरों के पीने लायक भी नहीं होता।भिवंडी शहर में मांशा हारी खाना खाने वालों की संख्या जादा होने के कारण कोमल पाढा़ तीन बत्ती, शांतीनगर, इदगाह श्लेटर हाउस,कसाई वाडा़, निजाम पुरा,कसाई मुहल्ला बंजार पट्टी नाका, बाला कंपाउड नवी बस्ती,रोशन बाग, आदि इलाको में ३०० सौ से ४०० बडे़ जानवर और बकरों का कत्ल किया जाता है। खास बात यह है कि इनके अधिकांश लोगों के पास मानव बिक्री करने का कोई भी परवांनगी ना होने के बावजूद धड़ल्ले से यह कारो बार कर मनपा के राजस्व विभाग को भारी नुकसान पहचा रहे हैं। भिवंडी मनपा के सभी संबधित अधिकारियों की लापरवाही का यह नतीजा हैं। इस लापरवाही के कारण खारबाव, नागड़ा, किवणी दिवे, में डुबकी लगाकर रेती निकालने वाले मजदूरों का भारी अभाव दिखाई दे रहा है। जिसके कारण जुनां दुर्खी,कांबां, नवघर, वडूनवघर , खारबाव, आदि कई गांवों में रोजगार की भारी समस्या उत्पन्न हो गई है। सरकार और मनपा इस समस्या का समाधान कर के कामावरी नदी की पवित्रता पुन:वापस लाने के लिये कोई कारगर कदम उठाए।


