१८ घंटे बाद नाले में फंसे बाघ हुआ आजाद

After 18 hours, the bag got trapped in the drain and was freed

हिंद एकता टाइम्स भिवंडी

रवि तिवारी

भिवंडी भिवंडी तालुका लोनाड गांव स्थित पॅरामाउंट लॉजिस्टिक गोदाम परिसर में शुक्रवार तड़के एक बाघ के नाले में फंसे होने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। स्थानीय निवासियों की सूचना पर पडघा पुलिस और वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। लगभग १८ घंटे के इस कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन ने हर किसी को सांसें थामने पर मजबूर कर दिया था ।शुक्रवार सुबह नाले में बाघ के फंसे होने की जानकारी के बाद घटनास्थल पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए। हालात को देखते हुए मुंबई के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, बोरिवली से विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। बाघ जिस संकरी जगह में फंसा था, वहां तक पिंजरा पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। रेस्क्यू टीम ने क्रेन की मदद से नाले में पिंजरा उतारा और दूसरी तरफ से पटाखों की आवाज का सहारा लेकर बाघ को पिंजरे की ओर खदेड़ा। यह जोखिम भरा काम शुक्रवार की रात करीब 1 बजे खत्म हुआ, जब बाघ को सफलतापूर्वक पिंजरे में बंद कर लिया गया। इसके बाद क्रेन की मदद से पिंजरे को बाहर निकाला गया। बाघ को रेस्क्यू टीम की विशेष एम्बुलेंस में बोरिवली स्थित संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान ले जाया गया। वन विभाग ने पुष्टि की कि बाघ अब सुरक्षित है और उसकी देखभाल राष्ट्रीय उद्यान में की जाएगी। हालांकि, पडघा वन विभाग ने इस घटना को लेकर मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बाघ किस जंगल से भटक कर आया था और उसकी मौजूदा स्थिति क्या है। रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल टीम के सदस्यों के बारे में भी कोई जानकारी साझा नहीं की गई। बाघ के पकड़े जाने के बाद स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली। इलाके के लोग इस घटना के बाद वन विभाग से और सतर्कता बरतने की मांग कर रहे हैं।

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