पुलिस बर्बरता में मृत प्रभात के परिजनों को दिया जाए करोड़ रुपए: कांग्रेस 

कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर राज्यपाल को भेजा ज्ञापन 

 

रिपोर्ट अशरफ संजरी

भदोही। कांग्रेस के 18 दिसंबर को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की बर्बरता के चलते युवा कांग्रेस के पूर्व सचिव प्रभात पांडेय की हुई मौत की जांच करने व परिजनों को एक करोड रुपए आर्थिक सहायता की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। मांगों के संबंध में कांग्रेसियों द्वारा राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ.राजेंद्र दुबे राजन ने कहा कि भाजपा की सरकार पूरी तरह से लोकतंत्र को खत्म करने पर अमादा है। भारतीय संविधान ने हमें अर्थात विपक्ष को सरकार के गलत नीतियों के विरोध करने का अधिकार दिया है। मगर यह सरकार उस अधिकार को भी विपक्ष से छीन लेना चाहती है। वरिष्ठ नेता मो.हसनैन ने कहा कि 18 दिसंबर को विधानसभा घेराव के कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में पुलिस ने बर्बरता दिखाई। युवा कांग्रेस के पूर्व सचिव प्रभात पांडेय को इतना मारा गया कि उनकी मौत हो गई। सरकार से मांग करते हैं कि मामले की न्यायिक जांच हो और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए का आर्थिक सहायता दिया जाए। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी वसीम अंसारी ने कहा कि विधानसभा घेराव कार्यक्रम को असफल करने के लिए सरकार ने प्रदेश भर के सभी जिलों में हजारों कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किया। घेराव के दौरान जिस तरह से नुकीले बैरिकेडिंग का प्रयोग किया गया। वह इतिहास में शायद किसानों को रोकने के लिया गया था या फिर कांग्रेसियों को रोकने के लिए किया गया। युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नाजिम अली ने कहा कि सरकार मामले में जल्द से जल्द न्याय दिलाए। अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस मौके पर सुरेश चंद मिश्र, राजेश्वर दुबे, दीनानाथ दुबे, मसूद आलम, सुरेशचंद उपाध्याय, सुबुक्तगीन अंसारी, अवधेश पाठक, जजलाल राय, गुलजारी उपाध्याय, हरिशचंद्र दूबे, महेश चंद्र मिश्र, शक्ति मिश्र, रामाशंकर बिंद, शिव पूजन मिश्र, नरेश मिश्र, सुरेश चौहान, धीरज मिश्र, आजाद हुसैन, करन मौर्य व इजहार अंसारी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।

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