मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का कलेक्ट्रेट पर  प्रदर्शन 

की गई जमकर नारेबाजी, मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा डीएम को 

 

रिपोर्ट अशरफ संजरी

भदोही। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले वामपंथी दलों के नेताओं ने मंगलवार को अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जमकर हुंकार भरी। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कार्यकर्ताओं द्वारा डीएम को सौंपा गया।

इस दौरान अध्यक्ष इंद्रदेव पाल ने कहा कि जिला भदोही पूर्व के एक तहसील ज्ञानपुर द्वारा बनाया गया एक छोटा सा जनपद है। बनारस-इलाहाबाद के बीच अत्यंत घनी आबादी वाला जिला है। यहां के किसान अत्यंत छोटी जोत वाले काश्तकार है। लोगों के भरण-पोषण का जरिया खेती, मजदूरी या छोटे कारोबार पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि जिले की संपूर्ण आबादी का 60 फीसदी हिस्सा ऊसर, बंजर, परती, ग्राम समाज, उत्तर प्रदेश नजूल की भूमि पर आबाद है। जो मजदूर, गरीब व मध्यम किसान है। ऐसी परिस्थिति में भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) की मास्टर प्लान-2041 लागू कर दिया जाएगा तो यहां के निवासी असहाय होकर बेमौत मर जाएंगे। जिसके चलते आमलोगों को जीवीकोपार्जन के साथ ही रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। क्योंकि गरीबों के पास इतना पैसा नहीं होगा कि वें जमीन खरीदकर नक्शा बनाकर आवास का निर्माण करा सकें। मंत्री रामजीत यादव ने कहा कि बीड़ा की महायोजना को रद्द किया जाए। नजूल, उत्तर प्रदेश सरकार, ऊसर, बंजर, परती, चारागाह, ग्राम समाज की जमीन पर पुश्तैनी आबाद लोगों को न उजाड़ा जाए। भूमि अर्जन, पुनर्वास, पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम-2013 के अनुसार कार्पेट सिटी फेज-दो की बीड़ा द्वारा अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा वर्तमान बाजार रेट का चार गुना दिया जाए। क्योंकि 2017 के बाद अभी तक पूरे प्रदेश में सर्किल रेट रिवाइज नहीं किया गया है।

इस मौके पर भूलाल पाल, बनारसी सोनकर, जगन्नाथ मौर्य, सुशील श्रीवास्तव, रामचंद्र पटेल, जयप्रकाश, ज्ञानप्रकाश प्रजापति, केशव प्रसाद, घनश्याम गौतम व अमृतलाल मौर्य आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।

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