सीरियाई शरणार्थियों की वापसी से तुर्की उद्योग जगत में कार्यबल को लेकर चिंता बढ़ी

[responsivevoice_button rate="1" pitch="1.0" volume="0.9" voice="Hindi Female" buttontext="Listen This News"]

[ad_1]

गाजियांटेप, 28 जनवरी (आईएएनएस)। सीरिया में 13 साल से चले आ रहे गृहयुद्ध से उबरने के संकेत मिल रहे हैं। उद्योग प्रतिनिधियों और विश्लेषकों के अनुसार, तुर्की से सीरियाई शरणार्थियों की वापसी से कम वेतन वाले श्रमिकों पर निर्भर तुर्की के प्रमुख क्षेत्रों में श्रमिकों की कमी की आशंका बढ़ी है।

दक्षिणी गाजियांटेप प्रांत के एक लाइव स्टॉक फार्म के प्रबंध एजेंट बेहान दुरान ने सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को बताया, “इस समय हमारी कुल लेबर में सीरियाई श्रमिकों की संख्या लगभग 20-25 प्रतिशत है।”

सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, दुरान ने कहा कि सीरियाई लेबर पर निर्भर तुर्की में व्यवसायों के लिए एक बड़ा बदलाव हो सकता है। हालांकि अभी तक बहुत कम संख्या में सीरियाई वापस लौटे हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सीरिया में हालात स्थिर होने के बाद अधिकांश लोग वापस चले जाएंगे।

सीरियाई सीमा के निकट स्थित प्रमुख तुर्की शहर गाजियांटेप लंबे समय से लगभग 450,000 सीरियाई लोगों की उपस्थिति पर निर्भर है।

अंकारा स्थित शरण एवं प्रवासन अनुसंधान केंद्र के निदेशक मेटिन कोराबातिर का अनुमान है कि तुर्की के श्रम बाजार में लगभग 1 मिलियन सीरियाई सक्रिय हैं, जो मुख्य रूप से कम-कुशल और कम-वेतन वाली अनौपचारिक नौकरियों में कार्यरत हैं।

हाल के घटनाक्रमों के बाद, तीन मिलियन सीरियाई शरणार्थियों में से हजारों लोग अपने घर लौट चुके हैं, जबकि अन्य अभी भी अपने अगले कदम के बारे में विचार कर रहे हैं।

कोराबातिर ने कहा कि वापस लौटने वाले अधिकांश लोग सीरिया की स्थितियों का आकलन कर रहे हैं, जो 13 वर्षों से चल रहे गृहयुद्ध से तबाह है, तथा उसके बाद वे अपने परिवारों को वापस लाने के बारे में निर्णय ले रहे हैं।

इस बदलाव से तुर्की पर वित्तीय दबाव कम हो सकता है, जिसने यूरोपीय संघ की सहायता के बावजूद शरणार्थियों के समर्थन पर 40 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं।

गाजियांटेप में सीरियाई दूरसंचार कर्मचारी उस्मान अहमद ने कहा, “नियोक्ता सस्ते श्रम के लिए सीरियाई लोगों पर निर्भर हैं। अचानक बाहर निकलने से समस्याएं पैदा होंगी।”

उन्होंने कहा कि तुर्की की आर्थिक परेशानियां, जिसमें बढ़ते किराए भी शामिल हैं, कुछ शरणार्थियों को छोड़ने के लिए मजबूर कर रही हैं जबकि अन्य स्थिर नौकरियों के लिए रुक रहे हैं।

उन्होंने कहा, “कुछ सीरियाई व्यवसाय भी अपना परिचालन वापस सीरिया में स्थानांतरित कर सकते हैं। यदि 70 प्रतिशत लोग चले भी जाते हैं, तो शेष 30 प्रतिशत के यहीं रहने की उम्मीद है।”

–आईएएनएस

डीकेएम/एएस

[ad_2]

Disclaimer : ऑटो फ़ीड्स द्वारा यह न्यूज़/समाचार स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। hindektatimes.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन इस न्यूज़/समाचार में नहीं किया गया है। इस न्यूज़/समाचार की एवं इसमें उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की हैद्य न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है।
इनपुट. आईएएनएस के साथ

Related Articles

Back to top button