विकास को मिलेगा बढ़ावा : यूरोपीय संघ के प्रतिबंध निलंबित होने पर सीरिया का बयान

[responsivevoice_button rate="1" pitch="1.0" volume="0.9" voice="Hindi Female" buttontext="Listen This News"]

[ad_1]

दमिश्क, 28 जनवरी (आईएएनएस)। सीरिया के अंतरिम विदेश मंत्री असद हसन अल-शिबानी ने दमिश्क के खिलाफ प्रतिबंधों को एक वर्ष के लिए निलंबित करने के यूरोपीय संघ (ईयू) के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह ऐसा कदम है, जो सीरियाई लोगों के जीवन स्तर को बेहतर कर सकता है और आर्थिक सुधार के लिए मददगगार साबित हो सकता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान में अल-शिबानी ने सोमवार को कहा कि सीरिया ‘प्रतिबंधों को रोकने के यूरोपीय संघ के कदम की सराहना करता है।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि निलंबन से ‘सीरियाई लोगों के जीवन के सभी पहलुओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।’

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के मुताबिक, यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद ने सोमवार को सीरिया के ऊर्जा, परिवहन और चयनित वित्तीय क्षेत्रों पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने पर सहमति व्यक्त की।

बैरोट ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य मानवीय मुश्किलों को कम करना है। उन्होंने दमिश्क से संयुक्त राष्ट्र समर्थित राजनीतिक परिवर्तन के लिए प्रतिबद्धता जताने, इस्लामिक स्टेट के बचे हुए सदस्यों के खिलाफ कोशिशों को तेज करने तथा सभी रासायनिक हथियारों के भंडार को नष्ट करने की अपील की।

बता दें कि यूरोपीय संघ ने 2011 से सीरिया पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं। यह पाबंदियां गृहयुद्ध के दौरान पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के कथित ‘युद्ध अपराध’ का हवाला देते हुए लगाई गईं।

हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) और सहयोगी उग्रवादी समूहों की ओर से 12 दिनों के आक्रामक अभियान के बाद 8 दिसंबर, 2024 को असद की सरकार गिर गई थी।

असद के सत्ता से बेदखल होने के बाद से, एचटीएस कमांडर अहमद अल-शरा के नेतृत्व में अंतरिम अधिकारियों ने पश्चिमी देशों को पूर्व शासन पर लगाए गए प्रतिबंधों को कम करने के लिए मनाने की कोशिश की है।

इस बीच सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार, सीरियाई अंतरिम अधिकारियों ने सोमवार को होम्स प्रांत में केंद्रीय जेल से 275 बंदियों को रिहा किया।

युद्ध की निगरानी करने वाली संस्था के अनुसार, इन कैदियों की जांच में पाया गया कि उन्होंने युद्ध अपराध नहीं किए थे। बंदियों की रिहाई 2025 की शुरुआत में एक बड़े सुरक्षा अभियान के बाद हुई। इसमें होम्स और आसपास के इलाकों में सैकड़ों पूर्व शासन के सैनिकों और नागरिकों को हिरासत में लिया गया था।

–आईएएनएस

एससीएच/एमके

[ad_2]

Disclaimer : ऑटो फ़ीड्स द्वारा यह न्यूज़/समाचार स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। hindektatimes.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन इस न्यूज़/समाचार में नहीं किया गया है। इस न्यूज़/समाचार की एवं इसमें उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की हैद्य न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है।
इनपुट. आईएएनएस के साथ

Related Articles

Back to top button