आजमगढ़:क्षेत्र मे चर्चा का विषय बना वेदांता इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों द्वारा चलाया गया नशा मुक्ति जन जागरण अभियान

Azamgarh: The de-addiction awareness campaign run by the students of Vedanta International School became a topic of discussion in the area

रिपोर्ट: रोशन लाल

आजमगढ़:

आजमगढ़ का प्रतिष्ठित विद्यालय वेदांता इंटरनेशनल स्कूल हमेशा सामाजिक जागरूकता अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। इसी क्रम में विद्यालय द्वारा नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
छात्रों ने अपने प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से यह संदेश दिया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि उसके परिवार और समाज को भी गहरे संकट में डालता है। इस नाटक के जरिए उन्होंने यह दर्शाया कि किस प्रकार एक व्यक्ति नशे की गिरफ्त में आकर अपने जीवन को बर्बाद कर सकता है और साथ ही अपने प्रियजनों को भी कष्ट पहुंचाता है। छात्रों ने “नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो” जैसे प्रेरणादायक नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि नशे की लत से शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि होती है, और यह समाज में अपराध तथा अन्य बुरी प्रवृत्तियों को जन्म देता है।
इस प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक में प्रतीक, श्रेया, सक्षम, रघुराज, वैष्णवी, गौरव, प्रांजल, रुद्र प्रताप, अनन्या, सृष्टि, समृद्ध वर्मा, पुष्कल शर्मा, आयुष सिंह, स्मृति सिंह, कृष्ण तिवारी और अमृत मिश्रा ने भाग लिया। इन सभी छात्रों को फहीम अहमद ने अपने प्रशिक्षण द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉली शर्मा ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि “शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना भी है। हमारे विद्यार्थी समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और इस तरह के कार्यक्रमों से वे अपने दायित्व को निभा रहे हैं।”
विद्यालय के प्रबंध निदेशक शिव गोविंद सिंह ने भी छात्रों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि “नशा समाज के लिए एक गंभीर समस्या है, और इसे रोकने के लिए हम सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। वेदांता इंटरनेशनल स्कूल हमेशा से ही समाजहित में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता आया है और आगे भी करता रहेगा।
इस अवसर पर किशन मिश्रा, नारद, सूर्यभान यादव, सच्चिदानंद यादव आदि ने सहयोग किया।

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