डबल इंजन की सरकार में देवरिया का हुआ चातुर्दिक विकास।

विनय मिश्र, जिला संवाददाता।
एमएलसी श्री विजय बहादुर पाठक ने कहा कि बीते आठ वर्षों में देवरिया का भी चहुंमुखी विकास हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सेवा, सुरक्षा और सुशासन के संकल्प के साथ जनपद के सर्वांगीण विकास के लिए कई योजनाएँ लागू की हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों का भी जनपद को व्यापक लाभ मिला है। मोदी-योगी सरकार के प्रयासों से देवरिया स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढाँचा, महिला सशक्तिकरण, कानून व्यवस्था, कृषि, उद्योग और डिजिटल प्रगति में नए आयाम छू रहा है।
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। ₹214.06 करोड़ की लागत से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिससे जिले को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ मिल रही हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 7,46,949 लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे उन्हें निःशुल्क इलाज की सुविधा मिली। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं को और अधिक मजबूत किया गया है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएँ सुचारू हो गई हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए, जिससे स्वास्थ्य आपात स्थितियों में देवरिया आत्मनिर्भर बन सका।
बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में भी देवरिया में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। ₹950 करोड़ की लागत से गोरखपुर-देवरिया फोरलेन परियोजना पूरी हो चुकी है, जिससे आवागमन सुगम हुआ है। सोनौली-नौतनवा-गोरखपुर-देवरिया-बलिया मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर ₹233.19 करोड़ खर्च किए गए हैं। ₹192.72 करोड़ की लागत से इसी मार्ग के 125 किमी से 144 किमी तक का कार्य पूरा हुआ है। ₹46.87 करोड़ की लागत से देवरिया-पकड़ी मार्ग का चौड़ीकरण तथा ₹40.47 करोड़ की लागत से रथुआ-भटनी-भिंगारी मार्ग का विस्तार हुआ है। ग्राम खरवनिया (भाटपाररानी) में छोटी गंडक नदी पर ₹12.45 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण किया गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क बेहतर हुआ है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। ₹12.60 करोड़ की लागत से बरवामीर छापर में राजकीय आईटीआई का निर्माण पूरा हुआ है, जिससे युवाओं को तकनीकी शिक्षा मिलेगी। अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना से गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। 338 सरकारी स्कूलों को स्मार्ट क्लास से जोड़ा गया है। जनपद में 22,213 छात्रों को टैबलेट तथा 58,547 छात्रों को स्मार्टफोन वितरित किए गए हैं, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिला है।
कृषि और किसान कल्याण के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 4,73,419 किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। 750 से अधिक सौर ऊर्जा पंप वितरित किए गए हैं। गन्ना किसानों को ₹950 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
औद्योगिक विकास और रोजगार को भी सरकार ने प्राथमिकता दी है। “एक जनपद, एक उत्पाद” (ODOP) योजना के तहत देवरिया के काष्ठ शिल्प उद्योग को बढ़ावा दिया गया, जिससे 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 1,200 से अधिक युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत जनपद में 12,181 स्ट्रीट वेंडरों को पंजीकृत किया गया है।
महिला सशक्तिकरण के तहत मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत 25,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 40,000 बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है। स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से 15,000 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक 4,052 विवाह संपन्न हुए हैं।
प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों से उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, और देवरिया भी इस परिवर्तन का साक्षी बन रहा है।



