मीना बाजार में ईद की रौनक, गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनूठी मिसाल

The splendor of Eid in Meena Bazaar, a unique example of Ganga-Jamuni Tehzeeb

जबलपुर। रमज़ान के आखिरी दिनों में जबलपुर का ऐतिहासिक मीना बाजार अपनी पूरी रौनक पर है। मछली मार्केट, नालबंद मोहल्ला, चार खंबा, बहोराबाग और रजा चौक तक फैला यह बाजार न सिर्फ खरीदारी का केंद्र है, बल्कि यह शहर की गंगा-जमुनी तहज़ीब का भी बेहतरीन उदाहरण पेश करता है।

चहल-पहल और खरीदारी का उत्साह

हर शाम को जैसे ही सूरज ढलता है, मीना बाजार की रौनक अपने चरम पर पहुंचने लगती है। तरावीह की नमाज के बाद यहाँ खरीददारों का सैलाब उमड़ पड़ता है, जो देर रात तक जारी रहता है। यहाँ महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष तौर पर स्टॉल सजाए गए हैं, जहाँ रंग-बिरंगे सलवार-सूट, कुर्ते-पायजामे, जूते-चप्पल, गहने, खिलौने और घर की सजावट का सामान उपलब्ध है।

खरीदारी करने आई कायनात खान का कहना है, “इस मीना बाजार में सामान बहुत सस्ते दामों पर मिलता है, इसलिए दूर-दूर से लोग यहाँ खरीदारी करने आते हैं। यह सिर्फ मुस्लिम समाज का बाजार नहीं है, बल्कि इसमें हर धर्म और जाति के लोग शामिल होते हैं।”

खुशनुमा माहौल और सुकून देने वाला संगीत

मीना बाजार में सिर्फ चहल-पहल ही नहीं, बल्कि माहौल भी बेहद खुशनुमा होता है। पूरे बाजार में हल्की-हल्की आवाज में ईद से जुड़े खूबसूरत नगमे बजते रहते हैं, जो माहौल को और भी खास बना देते हैं। यह गीत न सिर्फ दिल को सुकून देते हैं, बल्कि ईद की तैयारियों के इस सफर को और भी यादगार बना देते हैं।

खुशबुओं और जायकों का संगम

मीना बाजार में खरीदारी के साथ-साथ जायकों की भी बहार लगी रहती है। यहाँ फालूदा, रूहअफज़ा, बिरयानी, कबाब, शमी, मलाई रोल और तंदूरी चाय जैसी लज़ीज़ चीज़ों के स्टॉल सजे होते हैं। महकते इत्र, मेहंदी और ब्यूटी प्रोडक्ट्स की दुकानों पर भी भारी भीड़ देखी जा सकती है।

पुरानी परंपरा का हिस्सा बना बाजार

वरिष्ठ समाजसेवी मतीन अंसारी बताते हैं कि मीना बाजार पिछले 60 वर्षों से भर रहा है और यह रमज़ान के 15वें रोजे से शुरू होता है। वे कहते हैं, “यह सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि हमारे शहर की साझा संस्कृति का प्रतीक है। यहाँ हर मजहब और तबके के लोग मिल-जुलकर ईद की खुशी साझा करते हैं।”

मीना बाजार में दुकान लगाए मोहम्मद नौशाद कहते हैं, “मुझे यहाँ दुकान लगाते 40 साल हो गए हैं। यह बाजार मेरे बाप-दादा के जमाने से भरता आ रहा है। यहाँ सामान सस्ते दामों पर मिलता है, इसलिए हर वर्ग के लोग यहाँ आते हैं।”

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। गोहलपुर थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को ने बताया कि, “हनुमानताल और गोहलपुर थाने का बल सुरक्षा व्यवस्था को संभाल रहा है। हमने मिलौनीगंज, मछली मार्केट, चार खंबा और बहोराबाग में पाँच सुरक्षा प्वाइंट बनाए हैं। थाना प्रभारी गोहलपुर प्रतीक्षा मार्को ने बताया कि रात 12 बजे के बाद भीड़ और बढ़ जाती है, जो तड़के 4 बजे तक बनी रहती है। हमारा स्टाफ पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।”

संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक

मीना बाजार न सिर्फ ईद की खरीदारी का केंद्र है, बल्कि यह जबलपुर की गंगा-जमुनी तहज़ीब का भी जीता-जागता उदाहरण है। यहाँ अलग-अलग धर्मों के लोग मिलकर ईद की खुशियों में शामिल होते हैं, जो इस बाजार को एक सांस्कृतिक विरासत का रूप दे देता है।

बाइट मोहम्मद नौशाद

बाइट कायनात खान

बाइट मतीन अंसारी

बाइट प्रतीक्षा मार्को थाना प्रभारी गोहलपुर

जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट

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