आजमगढ़:5 वर्ष 9 माह बाद एक मुर्दा ब्यक्ति को आजमगढ़ पुलिस ने जिंदा बरामद करके भेजा जेल,खत्म हुआ लुका छुप्पी के साथ धोखा धड़ी का खेल

Azamgarh: After 5 years and 9 months, Azamgarh police recovered a dead person alive and sent him to jail, the game of fraud and hide and seek ended

रिपोर्ट:रोशन लाल

आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के निर्देश पर चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान के तहत नगर कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2019 से लापता और तथाकथित मृतक घोषित अरविंद चौहान को 5 वर्ष 9 माह बाद लखनऊ से पकड़ा गया है। अरविंद चौहान पुत्र मुसाफिर चौहान, निवासी इदिलपुर, थाना जहानागंज को मंगलवार को लखनऊ के आईआईएम के पास से हिरासत में लिया गया। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि 30 जुलाई 2019 को प्रकाश चौहान निवासी महावतगढ़, मंडनपुर, थाना जीयनपुर ने थाना कोतवाली में तहरीर देकर अपने जीजा अरविंद चौहान के लापता होने की सूचना दी थी। इसके आधार पर गुमशुदगी दर्ज की गई। बाद में अरविंद की पत्नी सुनीता चौहान ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि अरविंद की हत्या कर दी गई है। इस आधार पर मुकदमा थाना कोतवाली में वासुदेव चौहान और घरबरन चौहान के खिलाफ दर्ज किया गया।विवेचना के दौरान पुलिस ने अरविंद के परिवार के मोबाइल नंबरों की सीडीआर का विश्लेषण किया, जिसमें संदिग्ध मोबाइल नंबर प्राप्त हुए। काल डाटा विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने अरविंद को लखनऊ में ट्रेस किया। मंगलवार की दोपहर उसे आईआईएम, लखनऊ के पास से हिरासत में लिया गया। अरविंद ने पूछताछ में बताया कि वह 2006 से एलकेमिस्ट लिमिटेड कंपनी, आजमगढ़ में मार्केटिंग एजेंट का काम करता था। 2017 में कंपनी के बंद होने के बाद उसने रिश्तेदारों और अन्य लोगों से जमा किए गए रुपये वापस नहीं कर पाया। दबाव बढ़ने पर 19 जुलाई 2019 को वह अपना मोबाइल घर छोड़कर लखनऊ भाग गया। वहां उसने किराये पर कमरा लिया, ऑटो चलाया और अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अपनी पत्नी व बच्चों से व्हाट्सएप कॉल पर बात करता रहा। अरविंद ने यह भी बताया कि उसने वासुदेव चौहान से धोखाधड़ी कर 4 लाख 42 हजार 500 रुपये लिए थे। इस मामले में वासुदेव ने उसके पिता और पत्नी के खिलाफ थाना जहानागंज में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे को वापस लेने के दबाव में सुनीता ने वासुदेव और घरबरन के खिलाफ हत्या का झूठा मुकदमा दर्ज कराया।

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