पीड़ित परिवार के घर पहुंचे पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, परिजनों को मदद का दिया भरोसा
Panchayati Raj Minister Om Prakash Rajbhar reached the house of the victim's family, assured help to the family members

रिपोर्ट:चन्द्रेश यादव
अतरौलिया/आजमगढ़। स्थानीय थाना क्षेत्र के नाऊपुर गांव में रामबली राजभर की पत्नी स्वर्गीय रामावती देवी की हत्या पर दुःख व्यक्त करने पहुंचे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पीड़ित को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मीडिया से वार्ता कर उन्होंने कहा कि घटना में रामबली जी की पत्नी का देहांत हुआ है उनका कहना है कि हम पुलिस की कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट हैं और कार्रवाई से सभी लोग संतुष्ट हैं ।जबकि बहुत से लोगों की शिकायत होती है कि पीड़ित का पुलिस बात नहीं सुनती लेकिन पीड़ित खुद कह रहे हैं की जितनी मदद होनी चाहिए उससे ज्यादा मदद पुलिस विभाग ने पीड़ित का किया है। फिलहाल उप जिलाधिकारी से बातचीत हुई है विवेकाधीन कोष से कोशिश करेंगे की क्या मदद हो सकती है । पीड़ित के इलाज के सवाल पर कहा कि हम लोग सरकार की तरफ से इलाज के लिए पैसे देते हैं केवल हम लोगों को इस्टीमेट की जरूरत होती है, अस्पताल जो भी पैसा लिखता है उतना इलाज के लिए भेजा जाता है । तीनों भाइयों के नाम से पट्टे मिले हैं ,एसडीम महोदय व हम लोगों ने देखा भी है जो पट्टा उनके नाम से है उनको उसका कब्जा मिल जाएगा। यूपी में अखिलेश यादव और बृजेश पाठक डीएनए विवाद पर बोले की देश में रोटी कपड़ा मकान शिक्षा और दवाई की जरूरत है। देश और प्रदेश की जनता चुनकर भेजती है कि सबको समय से खाद पानी बीज मिले, प्रदेश में अमन चैन रहे, जो विकास की योजनाएं केंद्र और प्रदेश सरकार से चल रही है वह योजनाएं जनता तक पहुंचे, यह उद्देश्य सबका होना चाहिए। भारत तुर्की विरोध पर बोले की जो भी देश भारत पर उंगली उठाने की कोशिश करेगा उसके लिए भोजपुरी की भाषा में कहावत है, “जो तोको कांटा बोये, ताको बोयो भाला, वह भी समझ जाएंगे की पड़ा किसी से पाला”। आजमगढ़ में लॉ एंड ऑर्डर के सवाल पर पर बोले की आज अगर कहीं भी अपराध हो रहा है तो 24 घंटे के अंदर अपराध करने वाला व्यक्ति सलाखों के अंदर जा रहा है, कल तक प्रदेश में जब कांग्रेस सपा बसपा की सरकार हुआ करती थी तो बड़े पैमाने पर प्रदेश में दंगे होते थे कर्फ्यू लगते थे। आज 8 वर्ष से प्रदेश में योगी जी की सरकार और देश में मोदी जी की सरकार है कर्फ्यू और दंगे की हिम्मत नहीं पड़ती ,अगर कोई हिम्मत करता है तो या तो जमीन के अंदर या तो जेल के अंदर होता है। इस मौके पर उप जिलाधिकारी बुढ़नपुर, क्षेत्राधिकारी, पुलिस निरीक्षक भी मौजूद रहे।



