Azamgarh:जिम्मेदार बन गए कंस, आए दिन मर रहे गोवंश

Azamgarh: Kans became responsible, cows were dying every day

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय

आजमगढ़ जनपद के महराजगंज विकासखंड अंतर्गत निराश्रित गोवंशों को संरक्षण देने के लिए प्रदेश सरकार ने जगह-जगह गोशालाओं का निर्माण कर उनमें गोवंशों के देख-रेख की महत्वाकांक्षी योजना को जिम्मेदारों द्वारा भ्रष्टाचार का साधन बना दिया गया है । निराश्रित गोवंशों के लिए प्रशासन पूरी तरह से कंस की भूमिका में नजर आ रहा है, जिन्हें इनकी तड़प तनिक भर भी द्रवित नहीं कर पा रही है ।मंगलवार को महराजगंज विकासखंड के तेरही गोशाला पर पहुंची पत्रकारों की टीम ने देखाकि कई गोवंश जीवन-मौत से जूझ रहे थे किंतु चिकित्सक का कोई पता नहीं था । गोवंशों की सेवा के लिए एक केयरटेकर मौजूद था जिसने बताया कि यहां 171 गोवंश पंजीकृत हैं जिसमें कई बिना टैग के थे । जानवरों के खाने के लिए सिर्फ भूसा था । चारा काटने की मशीन मौजूद थी किंतु महीनो पहले इससे हरे चारे की कटाई की गई थी । एक बीमार पशु के आंखों को कौवे नोच ले गए थे । गोशाला में लगे पंखे और फागिंग सिस्टम बंद था । वर्षों पहले यहां मंडलायुक्त की मौजूदगी में लगाए गए हजारों पौधों में से एक भी नजर नहीं आ रहा था । तपती धूप से बचने के लिए एक टिन सेड ही मात्रा सहारा था । पीने के पानी के लिए मात्र एक तालाब था जो काफी गंदा था । हरे चारे के नाम पर जानवरों को सिर्फ सड़ी हुई सब्जियां खिलाई जा रही थी । पत्रकारों के पहुंचने की जानकारी जैसे ही जिम्मेदारों को हुई तो आनन-फानन ग्राम पंचायत अधिकारी से लगाए प्रधान व सहायक खंड विकास अधिकारी पंचायत भी मौके पर जा धमके और कमियों को छिपाने का प्रयास करते हुए केयर टेकरों को निर्देश जारी कर दिया कि गोशाला का गेट हमेशा बंद रखा जाए तथा किसी भी पत्रकार या फोटोग्राफर के आने पर उन्हें अंदर प्रवेश न करने दिया जाए । अनियमिताओं का आलम यह था कि प्रधान का सगा भाई जिसकी तैनाती सफाई कर्मी के पद पर देवनपुर ग्राम पंचायत में है किंतु उसे अपने ही गांव की गोशाला के देख-रेख में लगाया गया है ।इस संबंध में सहायक खंड विकास अधिकारी पंचायत मिथिलेश कुमार राय से पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हूं । जो भी जानकारी करनी होगी खंड विकास अधिकारी के अवकाश से वापस लौटने पर पूछ लीजिएगा ।

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