15 दिन की मासूम को जिंदा दफनाया, मिट्टी से बाहर निकला नन्हा हाथ
ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदगी और मौत से जूझ रही बच्ची, पुलिस जांच में जुटी

शाहजहांपुर।जैतीपुर थाना क्षेत्र के गौहावर गांव में रविवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब टहलने निकले ग्रामीण बबलू को बहगुल नदी किनारे से बच्चे के रोने की हल्की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में बढ़ते ही उनके होश उड़ गए। मिट्टी से एक बच्ची का छोटा-सा हाथ बाहर निकला था, जिसकी हथेली पर गहरे जख्म थे और खून बह रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो किसी जानवर ने उसे नोचना शुरू कर दिया हो।
नए कपड़े और माथे पर तिलक
ग्रामीणों और पुलिस ने बच्ची को मिट्टी से बाहर निकाला। बच्ची की सांसें चल रही थीं, लेकिन हालत नाजुक थी। किसी ने तौलिये में लपेटा तो कोई गोद में झुलाकर उसे संभालता रहा। बच्ची के शरीर पर नए कपड़े थे और माथे पर तिलक भी लगा हुआ था। इससे संदेह गहरा गया कि हाल ही में उसका नामकरण या छठी संस्कार किया गया होगा और उसके बाद ही उसे जिंदा दफनाया गया। ग्रामीणों का मानना है कि बेटी होने या अनचाही संतान होने की वजह से यह क्रूरता की गई होगी।
स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल कॉलेज रेफर
बच्ची को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। एसएनसीयू वार्ड में डॉक्टरों ने उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा है।मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डॉ. सजर ने बताया कि बच्ची लगभग 15 दिन की है। उसकी नाक और मुंह में मिट्टी नहीं भरी थी, इसी वजह से वह सांस ले पा रही थी। हालांकि उसकी हथेली पर गंभीर चोट है, जिससे लगातार खून बह रहा था।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलते ही एसआई इतेश तोमर मौके पर पहुंचे और बच्ची को बाहर निकाला। इंस्पेक्टर गौरव त्यागी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आसपास के गांवों में पूछताछ हो रही है और ग्राम पंचायत भवनों पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।चाइल्डलाइन की टीम भी बच्ची को देखने अस्पताल पहुंची। पुलिस ने कहा कि मासूम को जिंदा दफनाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।



