भगवान की लीलाओं का आदि और अंत नहीं पंकज जी महाराज

, सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन।
भगवान की लीलाओं का आदि और अंत नहीं है श्री पंकज जी महाराज।
,बरहज देवरिया।
बरहज तहसील क्षेत्र के ग्राम मेंहियवा नवापार में, चल रहे श्रीमद् भागवत कथा में श्री पंकज जी महाराज ने
श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराते हुए कहा कि भगवान की लीलाओं का आदि और अंत नहीं है भगवान श्री कृष्णा मां यशोदा के सामने चंद्रमा को देखकर है करते हैं मां चंदा मामा को मुझे दे दो लेकिन यह संभव नहीं है मैया यशोदा उन्हें समझाने का प्रयास करती है लेकिन भगवान बाल लीला कर रहे हैं और चंदा मामा के लिए रो रहे हैं यह लीला देखकर नंद बाबा ने कहा कि थाली में जल भर कर ले आओ और कृष्णा को थाली के जाल में चंदा मामा को दिखाओ अभी कृष्ण रोना बंद कर देंगे मैया यशोदा ने ऐसा ही किया जैसे ही चंदा मामा की परछाई थाली में दिखने लगी कृष्ण ने रोना बंद कर दिया और चंद्रमा के प्रतिबिंब को निहार कर उसके साथ खेलने लगे न जाने कौन सी लीला कब कृष्ण कर बैठे श्री पंकज जी महाराज ने भगवान की लीला का आगे विस्तार करते हुए कहा कि उन्हें कालिया नाग को नाथना था
उसे समय कृष्ण ने अपने मित्रों के साथ जमुना तट पर पहुंचकर गेंद खेलने प्रारंभ किया गेद को उठाकर यमुना जी में फेंक दिया, अपनी गेट के लिए सुदामा जी जिद करने लगे यह तो भगवान की एक लीला का माध्यम था वेद निकालना भगवान यमुना में प्रवेश कर गए और कालिया नाग को नाथ कर उसके फण पर बंसी बजाते हुए, गोकुल वासियों के सामने प्रकट हुए ।
कथा के मुख्य यजमान उमाशंकर यादव एवं उनकी धर्मपत्नी सुमित्रा देवी ने व्यासपीठ का पूजन कर कथा का शुभारंभ कराया, कथा के दौरान शिवाजी यादव, संतोष यादव, रामजी यादव ,नत्थू यादव ,जगदीश यादव, लाल बहादुर यादव, रामेश्वर यादव, भोला यादव ,गुड्डू ,राधेश्याम यादव, शुभम यादव मुकेश यादव सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
श्रीमद् भागवत कथा 14 से प्रारंभ हो चुका है जो 20 सितंबर तक चलेगी।

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