हरि दर्शन पुस्तक का हुआ विमोचन
*हरि दर्शन पुस्तक का हुआ विमोचन*
देवरिया,आज नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया में कवि रामेश्वर प्रसाद यादव जी द्वारा रचित काव्य पुस्तक हरिदर्शन काविमोचन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ रमेश तिवारी अनजान द्वारा वाणी वंदना और अतिथि स्वागत भाषण सरोज पाण्डेय द्वारा हुई। इस दौरान मुख्य अतिथि बरहज गौरा नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती श्वेता जायसवाल ने काव्य पुस्तक हरि दर्शन का आवरण हटा विमोचन व लोकार्पण किया। इस दौरान कवि रामेश्वर प्रसाद यादव ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैने देवरिया की धरती पर जन्मे मोती बी ए जैसे कवियों से सीख कर उन्हीं की धरती को यह काव्य संग्रह हरिदर्शन समर्पित कर रहा हूँ।इस दौरान उन्होंने अपने माता पिता सहित पूर्वजों को नमन करते हुए इस पुस्तक को अपनी पत्नी को समर्पित करते हुए कविता पढ़ा कि..
ईश्वर की ऐसी कृपा मिले हम युगों युगों तक साथ रहे, हम दो होकर एक रहे, हाथों में तेरा हाथ रहे..
इस ऐतिहासिक नागरी प्रचारिणी सभा की यशोगान में मेरी काव्य पुस्तक सहायक हो यही मेरी सबसे बड़ी पारिश्रमिक होगी। इस दौरान मुख्य अतिथि श्रीमती श्वेता जायसवाल ने शुभकामना देते हुए कहा कि समाज की सबसे बड़ी पूजी साहित्य है और रामेश्वर प्रसाद यादव जी जैसे लोग इसके रक्षक है। आज के परिवेश में रामेश्वर जी की लोक परपंरा और जन हित से जुड़े रचनाएं आने वाले पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम करेगी। कवि की पहचान सरलता और सहज कविता से होती है और उस पहचान को यह काव्य पुस्तक हरिदर्शन प्रमाणित करती है। अध्यक्षता कर रहे नागरी प्रचारिणी सभा इंद्र कुमार दीक्षित ने पुस्तक अनावरण के संदर्भ में बताया कि हरि दर्शन समसामयिक घटनाओं के साथ लोक संस्कृति के घटकों को सुंदर तरीके से व्यवस्थित करते हुए कविता संग्रह है। नागरी प्रचारिणी सभा के मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी ने सभी के प्रति आभार जताया । कार्यक्रम का संचालन सुश्री संज्ञा यादव ने किया। इस दौरान जितेंद्र प्रसाद तिवारी,सरोज पाण्डेय, आर.पुलस्तेय, सौदागर सिंह, विक्की ने तिवारी,संतोष यादव,के डी यादव,नित्यानंद यादव,छेदी प्रसाद,आशुतोष मणि त्रिपाठी,कौशल किशोर मणि, योगेंद्र तिवारी योग्य,शिवम निषाद,सुभाष राय,धर्मदेव सिंह आतुर, दयाशंकर प्रसाद कुशवाहा,प्रार्थना राय,प्रीति पाण्डेय,श्वेतांक मणि आदि, उपस्थित रहे



