Deoria news, कंबल का पता नहीं गरीबों को आग का सहारा
कंबल, का पता नहीं
गरीबो को आग का सहारा।
देवरिया।
बरहज तहसील द्वारा सरकार की ओर से ठंड से राहत के लिए तहसील स्तर पर लेखपालों के माध्यम से गांव-गांव कंबल वितरण की बात कहा जा रहा है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे ईतर नजर आ रहा है। अधिकांश गांवों में जरूरतमंदों तक कंबल नहीं मिल सका हैं, गरीब परिवार कड़ाके की ठंड में झोपड़ियों के भीतर और बाहर ठिठुरने को मजबूर हैं।
राम-जानकी मार्ग पर मौना–गढ़वा सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रह रहे राकेश ने कहा कि रात होते ही ठंड , सताने लगती है। “रात तो झोपड़ी में ठिठुरते हुए कट जाती है, उन्होंने कहा। कंबल के नाम पर अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
इसी तरह चकरा नोनार गांव के मलई प्रसाद, केवल प्रसाद, राम प्रसाद, राम गुलाम प्रसाद और संजय कुमार समेत कई ग्रामीणों का दर्द भी ऐसे ही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की गरीब-कल्याण योजनाएं कागजों में तो सभी के लिए हैं, लेकिन व्यवहार में यह ग्राम प्रधान के चहेतों तक ही सिमट कर रह जाती हैं।
ग्रामीणों का कहना है, “हम लोग बच्चों के साथ किसी तरह रात काटते हैं, फिर भी हमें कंबल नहीं मिला।
इस पूरे प्रकरण पर जब तहसील प्रशासन से सवाल किया गया तो तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि तहसील क्षेत्र में 1800 कंबल प्राप्त हुए थे, जिन्हें वितरित कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ठंड की गंभीरता को देखते हुए शासन से तीन हजार अतिरिक्त कंबल की मांग की गई है। “जल्द ही कंबल उपलब्ध होते ही सभी गांवों में जरूरतमंदों को वितरण कराया जाएगा,” उन्होंने आश्वासन दिया।



