Gazipur News :किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ जखनियां तहसील पर गरजे किसान, प्रति एकड़ 30 हजार मुआवजे की मांग

Gazipur News :किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ जखनियां तहसील पर गरजे किसान, प्रति एकड़ 30 हजार मुआवजे की मांग

जखनियां (गाजीपुर)। अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) एवं उत्तर प्रदेश किसान सभा के आह्वान पर शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को तहसील मुख्यालय जखनियां में किसानों एवं खेत मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान केन्द्र व राज्य सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि सरकारें लगातार यह दावा करती रही हैं कि किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, डीजल, सिंचाई और बिजली सस्ते दामों पर उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। केन्द्र और राज्य सरकारें अपने वादों से पीछे हट रही हैं, जिससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।
किसान नेताओं ने बताया कि बेमौसम बारिश के कारण धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, लेकिन अब तक किसानों को कोई ठोस मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने प्रति एकड़ 30 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि फसल कटाई के समय क्रय केन्द्रों पर सरकारी खरीद न होने से बिचौलिये औने-पौने दामों पर फसल खरीदकर किसानों का शोषण कर रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत किसानों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी जखनियां के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि बीज विधेयक 2025, बिजली विधेयक 2025 तथा प्रस्तावित कृषि एवं संबंधित अधिनियम 2025 को तत्काल रद्द किया जाए। चारों श्रम संहिताओं को समाप्त करने, सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी एवं सरकारी खरीद सुनिश्चित करने, छुट्टा पशुओं से हो रही फसल बर्बादी पर रोक लगाने की भी मांग की गई।
इसके अलावा किसानों, बटाईदारों, खेत मजदूरों एवं ग्रामीण कारीगरों की पूर्ण कर्ज माफी लागू करने, कृषि, भूमि, जंगल, खनिज और जल संसाधनों को देशी-विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपने पर रोक लगाने की मांग उठाई गई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त बिजली और लाभकारी रोजगार की गारंटी देने की मांग की गई।
किसान नेताओं ने प्रशासन से आग्रह किया कि ज्ञापन में उठाई गई समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए इसे केन्द्र सरकार तक भेजा जाए और शीघ्र ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
धरना-प्रदर्शन में नसरुद्दीन राम, दरस बनारसी दास, झारखंडी गुप्ता, श्याम अवध यादव, श्याम सुंदर, नगमा, अनीता, नारायण चौहान, रामवृक्ष गिरी, गुड्डू सहित बड़ी संख्या में किसान, खेत मजदूर एवं किसान सभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे। News :किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ जखनियां तहसील पर गरजे किसान, प्रति एकड़ 30 हजार मुआवजे की मांग

जखनियां (गाजीपुर)। अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) एवं उत्तर प्रदेश किसान सभा के आह्वान पर शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को तहसील मुख्यालय जखनियां में किसानों एवं खेत मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान केन्द्र व राज्य सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि सरकारें लगातार यह दावा करती रही हैं कि किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, डीजल, सिंचाई और बिजली सस्ते दामों पर उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। केन्द्र और राज्य सरकारें अपने वादों से पीछे हट रही हैं, जिससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।
किसान नेताओं ने बताया कि बेमौसम बारिश के कारण धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, लेकिन अब तक किसानों को कोई ठोस मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने प्रति एकड़ 30 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि फसल कटाई के समय क्रय केन्द्रों पर सरकारी खरीद न होने से बिचौलिये औने-पौने दामों पर फसल खरीदकर किसानों का शोषण कर रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत किसानों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी जखनियां के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि बीज विधेयक 2025, बिजली विधेयक 2025 तथा प्रस्तावित कृषि एवं संबंधित अधिनियम 2025 को तत्काल रद्द किया जाए। चारों श्रम संहिताओं को समाप्त करने, सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी एवं सरकारी खरीद सुनिश्चित करने, छुट्टा पशुओं से हो रही फसल बर्बादी पर रोक लगाने की भी मांग की गई।
इसके अलावा किसानों, बटाईदारों, खेत मजदूरों एवं ग्रामीण कारीगरों की पूर्ण कर्ज माफी लागू करने, कृषि, भूमि, जंगल, खनिज और जल संसाधनों को देशी-विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपने पर रोक लगाने की मांग उठाई गई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त बिजली और लाभकारी रोजगार की गारंटी देने की मांग की गई।
किसान नेताओं ने प्रशासन से आग्रह किया कि ज्ञापन में उठाई गई समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए इसे केन्द्र सरकार तक भेजा जाए और शीघ्र ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
धरना-प्रदर्शन में नसरुद्दीन राम, दरस बनारसी दास, झारखंडी गुप्ता, श्याम अवध यादव, श्याम सुंदर, नगमा, अनीता, नारायण चौहान, रामवृक्ष गिरी, गुड्डू सहित बड़ी संख्या में किसान, खेत मजदूर एवं किसान सभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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