Azamgarh news:मार्टिनगंज के फुलेश गौशाला की बदहाली, सामने आते ही हरकत में आया विकासखंड प्रशासन
Azamgarh news :The poor condition of Fulesh Gaushala in Martinganj came to light and the block administration swung into action.

आजमगढ़ से बड़ी खबर
बरदह (आजमगढ़)।विकासखंड मार्टिनगंज अंतर्गत फुलेश गांव स्थित गौशाला की बदहाली सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। गौशाला की स्थिति देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए, जहां दो गोवंश मृत अवस्था में पड़े मिले और कुत्ते-कौवे उन्हें नोचते नजर आए।ग्रामीणों के अनुसार, जब इसकी जानकारी ग्राम पंचायत अधिकारी को हुई तो वह आनन-फानन में हरकत में आए और प्रधान प्रतिनिधि को फोन कर जेसीबी मंगवाई गई। इसके बाद गड्ढा खुदवाकर मृत गोवंश को दफन कराया गया। हैरानी की बात यह रही कि कई दिनों तक गोवंश का अवशेष गौशाला परिसर में ही पड़ा रहा, जिससे साफ तौर पर लापरवाही उजागर होती है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान की लापरवाही चरम सीमा पर है। जब इस मामले पर वीडियो वायरल हुआ और अधिकारियों से सवाल किए गए तो ब्लॉक स्तर से दो अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। महज आधे घंटे में ही गौशाला को साफ-सुथरा कर दिया गया, मानो यहां पहले कुछ था ही नहीं।जब ग्राम पंचायत सेक्रेटरी से मृत गोवंश के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दावा किया कि गायें उसी सुबह मरी थीं, जबकि ग्रामीणों का सवाल है कि यदि सुबह ही मौत हुई थी तो कौवे और कुत्ते उन्हें नोचते क्यों नजर आए? वहीं केयरटेकर ने भी गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि “कुत्ता, सियार, बिल्ली और कौवे के लिए हम क्या कर सकते हैं।”ग्रामीणों का आरोप है कि विकासखंड स्तर पर प्रबंधन में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार है। योगी सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में केवल लीपापोती हो रही है। उचित देखभाल के अभाव में आए दिन गोवंश की मौत हो रही है।ग्रामीणों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं खंड विकास अधिकारी ने जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी पर डालते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सवाल यह है कि क्या सिर्फ कागजी कार्रवाई से गौशालाओं की बदहाली दूर हो पाएगी या फिर गोवंश की जान यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी।



