करण जौहर के बाद, न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ I.I.M.U.N. की सलाहकार परिषद में शामिल; संगठन ने अपने 15 वर्ष पूर्ण किए

After Karan Johar, Justice D.Y. Chandrachud joins I.I.M.U.N.'s advisory council; organization completes 15 years

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Mumbai :भारत का इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (I.I.M.U.N.), जो दुनिया के सबसे बड़े युवा-संचालित गैर-लाभकारी संगठनों में से एक है, ने अपने 15वें वर्ष में एक ऐतिहासिक क्षण को चिह्नित करते हुए भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश, माननीय न्यायमूर्ति धनंजय वाई. चंद्रचूड़ का अपनी प्रतिष्ठित सलाहकार परिषद में स्वागत किया।यह घोषणा 27 से 29 जनवरी 2026 के बीच आयोजित वडोदरा लिटरेचर फेस्टिवल के चौथे संस्करण में की गई। यह एक गैर-राजनीतिक और द्विदलीय साहित्यिक महोत्सव है, जिसका उद्देश्य युवा भारतीयों में पढ़ने और आलोचनात्मक सोच की संस्कृति को पुनर्जीवित करना है। पारुल विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में देश भर के 300 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों से 22,500 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिससे यह भारत के सबसे बड़े छात्र-केंद्रित साहित्यिक आयोजनों में से एक बन गया।इस महोत्सव में 60 से अधिक लेखक और सार्वजनिक बुद्धिजीवी शामिल हुए, जिन्होंने व्यापार और उद्यमिता से लेकर कानून, सार्वजनिक नीति, साहित्य और सामाजिक विज्ञान जैसे विविध विषयों पर छात्रों से संवाद किया, ताकि प्रत्येक प्रतिभागी को अपनी शैक्षणिक और बौद्धिक रुचियों के अनुरूप विचार मिल सकें।न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के सलाहकार परिषद में शामिल होने का औपचारिक स्वागत भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज नरवणे और I.I.M.U.N. के संस्थापक ऋषभ शाह द्वारा किया गया। यह संगठन के संवैधानिक मूल्यों, नैतिक नेतृत्व और नागरिक दायित्व पर निरंतर बल को दर्शाता है।वर्षों से, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ भारत की सबसे सम्मानित न्यायिक आवाज़ के रूप में उभरे हैं। वे संवैधानिक नैतिकता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के प्रति अपनी अडिग प्रतिबद्धता और आम नागरिकों के लिए न्यायालय को सुलभ बनाने के प्रयासों के लिए जाने जाते हैं। चुनावी बॉन्ड, समलैंगिकता के अपराधीकरण को समाप्त करने, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, राम मंदिर विवाद और सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण मामलों में दिए गए उनके निर्णय उन्हें एक प्रगतिशील और संतुलित विचारक के रूप में स्थापित करते हैं, जो युवा भारत की नब्ज़ को समझते हैं। I.I.M.U.N. के साथ उनका जुड़ाव संगठन के उस मिशन को और अधिक गंभीरता और बौद्धिक गहराई प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य ऐसे युवा भारतीयों को तैयार करना है जो वैश्विक रूप से जागरूक हों और साथ ही भारत की संवैधानिक व सभ्यतागत परंपराओं में गहराई से निहित हों।

I.I.M.U.N. की सलाहकार परिषद में शामिल होने पर न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा,

“I.I.M.U.N. वास्तव में उस परिवर्तनकारी क्षमता को प्रतिबिंबित करता है जो युवा पीढ़ी में निहित है, जो एक नए, जीवंत और पुनः ऊर्जावान भारत का नेतृत्व कर रही है। I.I.M.U.N. हमारे संविधान द्वारा प्रदान किए गए सर्वोत्तम सामाजिक मूल्यों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाता है। मुझे यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि I.I.M.U.N. से जुड़ा प्रत्येक युवा मस्तिष्क अत्यंत गंभीरता और सावधानीपूर्ण दृष्टिकोण के साथ विभिन्न विषयों से प्राप्त विचारों को आत्मसात करता है, जिससे युवा पीढ़ी भारत को एक जीवंत, आधुनिक और लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में देख सके, जो हमारी सांस्कृतिक परंपराओं की आत्मा पर आधारित है।इस अवसर पर I.I.M.U.N. के संस्थापक ऋषभ शाह ने कहा कि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की यात्रा उन्हीं आदर्शों का प्रतीक है जिन्हें संगठन युवाओं में विकसित करना चाहता है—दृढ़ विश्वास का साहस, शासन में सहानुभूति और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति निष्ठा। उन्होंने कहा,“शोर, गति और एल्गोरिदम के बीच पली-बढ़ी एक पीढ़ी के लिए, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ स्पष्टता, तर्क और विवेक का प्रतीक हैं।”

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