Gazipur News: मानव को मानव हो प्यारा, एक-दूजे का बने सहारा—निरंकारी संत समागम में गूंजा मानवता का संदेश
Gazipur News: मानव को मानव हो प्यारा, एक-दूजे का बने सहारा—निरंकारी संत समागम में गूंजा मानवता का संदेश
जखनिया गाजीपुर।
निरंकारी मिशन के तत्वावधान में तहसील जखनिया से लगभग 300 मीटर की दूरी पर एक विशाल आध्यात्मिक निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया। समागम की अध्यक्षता लखनऊ जोन के जोनल इंचार्ज महात्मा रितेश टंडन जी ने की।
समागम को संबोधित करते हुए महात्मा रितेश टंडन जी ने कहा कि आज संसार में लोग बिना ईश्वर को जाने पूजा-पाठ कर रहे हैं, जबकि ईश्वर को जाना जा सकता है। जब तक ईश्वर का बोध नहीं होगा, तब तक जीवन में सच्चा सुख और शांति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई कितना भी धन कमा ले, ईश्वर को जाने बिना जीवन में सुकून और आनंद प्राप्त नहीं हो सकता।
महात्मा जी ने बताया कि निरंकारी मिशन विश्व में प्रेम, नम्रता, भाईचारा तथा मानवता की भावना को स्थापित करने का निरंतर प्रयास कर रहा है। मिशन का मूल संदेश “रूहानियत और इंसानियत संग-संग”, “ब्रह्म की प्राप्ति, भ्रम की समाप्ति” है, जो मानव जीवन को सही दिशा देता है।
कार्यक्रम में जखनिया ब्रांच द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की गई। चाहे लंगर व्यवस्था हो या पार्किंग, सभी व्यवस्थाएं अनुकरणीय रहीं। इस अवसर पर कई जिलों एवं अन्य प्रदेशों से निरंकारी महात्माओं का आगमन हुआ।
समागम में वक्ताओं के रूप में कन्हैया जी, जी.सी. तिवारी, सुबेदार जी, राजेंद्र पाण्डेय, आलोक रंजन जी, राही जी एवं रामबृक्ष जी उपस्थित रहे।
1598 यूनिट के संचालक महात्मा आलोक रंजन जी ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन बिहार से पधारे महात्मा सोनू जी ने किया।



