ईरान की जवाबी कार्रवाई भारी? पूर्व कर्नल का दावा:अमेरिकी बेस तबाह,भारत पर निर्भरता
Iran's retaliation heavy? Former colonel claims: US base destroyed, dependence on India

ईरान-अमेरिका संघर्ष: पूर्व अमेरिकी कर्नल का दावा—कई अमेरिकी बेस तबाह, भारत पर निर्भरता की बात; आधिकारिक पुष्टि नहीं
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को छह दिन हो चुके हैं और क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल Douglas Macgregor ने दावा किया है कि ईरान इस युद्ध में मजबूती से लड़ रहा है और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि न तो अमेरिकी सरकार और न ही भारत की ओर से की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैकग्रेगर ने कहा कि चीन और रूस ईरान की मदद कर रहे हैं। उनका कहना है कि China और Russia ईरान को सैटेलाइट इंटेलिजेंस उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे उसे कुछ सैन्य सफलता मिली है, खासकर इजरायल और अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ।
उन्होंने दावा किया, “हमारे कई बेस और हार्बर इंस्टॉलेशन तबाह हो चुके हैं। ऐसे में अमेरिका को भारत और भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।” हालांकि इस बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री का बयान
इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने स्वीकार किया कि ईरान के कुछ हवाई हमले अपने लक्ष्यों तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य क्षमता के दम पर ईरान के हवाई क्षेत्र पर तेजी से नियंत्रण स्थापित कर सकता है।पेंटागन में पत्रकारों से बातचीत में हेगसेथ ने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों और सहयोगियों की सुरक्षा के लिए वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा, “हमने रक्षा तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी है, हालांकि यह संभव नहीं कि हर हमले को रोका जा सके।”
अमेरिकी सैनिकों पर खतरा बरकरार
अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन Dan Caine ने कहा कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिक अभी भी खतरे में हैं और जोखिम काफी अधिक बना हुआ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को Kuwait के एक नागरिक बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। यह हमला मुख्य सैन्य ठिकाने से कुछ दूरी पर स्थित एक अभियान केंद्र पर हुआ।
ट्रंप का दावा अमेरिका मजबूत स्थिति में
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि युद्ध के मोर्चे पर अमेरिका अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा, “अगर इस प्रदर्शन को 10 में से अंक देने हों तो मैं इसे 15 दूंगा।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका इस संघर्ष में मजबूत स्थिति में है।हालांकि रक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है और आने वाले दिनों में क्षेत्र में और हमले हो सकते हैं



