ईरान-यूएस तनाव: रियाद और कुवैत में अमेरिकी दूतावासों पर ड्रोन हमले, नागरिकों को मिडिल ईस्ट छोड़ने की सलाह

Iran-US tensions: Drone attacks on US embassies in Riyadh and Kuwait, citizens advised to leave the Middle East

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी ठिकानों के बाद अब राजनयिक परिसरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मंगलवार (3 मार्च) को रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला हुआ। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद दूतावास परिसर में आग लग गई और धमाके की आवाजें सुनी गईं।सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि दो ड्रोन अमेरिकी दूतावास से टकराए, जिससे सीमित आग लगी और इमारत को मामूली नुकसान पहुंचा। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि दो यूएवी ने चांसरी की छत और परिधि को क्षतिग्रस्त किया। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है।

कुवैत में भी हमला

इससे पहले सोमवार को कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन हमला हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, दूतावास परिसर से धुआं उठता देखा गया और इमारत को नुकसान पहुंचा। दूतावास ने चेतावनी जारी कर कहा कि कुवैत के ऊपर मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है तथा लोगों से परिसर से दूर रहने को कहा गया है।

15 देशों से अमेरिकी नागरिकों को तुरंत निकलने की सलाह

बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो संदेश जारी कर अमेरिकी नागरिकों से कई मध्य पूर्वी देशों को तुरंत छोड़ने की अपील की। एडवाइजरी में बहरीन, कुवैत, मिस्र, लेबनान, ईरान, ओमान, इराक, कतर, इजरायल, वेस्ट बैंक और गाजा, सऊदी अरब, सीरिया, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं।

पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के ठिकानों पर किए गए समन्वित हवाई हमलों के बाद सामने आया। इन हमलों में सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे।इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की मिसाइल क्षमताओं, परमाणु कार्यक्रम और आतंकवाद के समर्थन को समाप्त करने के उद्देश्य से कार्रवाई जारी रखेगा।क्षेत्र में जारी इस टकराव से मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ने की आशंका है, जबकि आम नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराती जा रही है।

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