Azamgarh News: नकारा नहीं जा सकता हरिऔध का अंशदान।

प्रेमप्रकाश दुबे की रिपोर्ट

आज़मगढ निजामाबाद । निजामाबाद में आज सोमवार को सुबह ग्यारह बजे महा कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध कि 79वीं पूर्ण तिथि के अवसर पर पत्रकारों द्वारा वीरेन्द्र नाथ मिश्र के नेतृत्व में दर्जनों पत्रकारों ने महा कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध कि मूर्ति कि साफ सफाई कर माल्यार्पण किया गया और पत्रकारों द्वारा एक गोष्ठी का आयोजन किया गया गोष्ठी को संबोधित करते हुए वीरेन्द्र नाथ मिश्र ने बताया कि महा कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध कि लिखी  सैकड़ों कविताओं को कक्षा एक से लेकर एम ए तक कि किताबों में बच्चों को पढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा काव्य कि भी रचना किया है। जिसके कारण पूरी दुनिया में लोग उनको जानते हैं लेकिन निजामाबाद जहां पर उनका जन्म स्थान है। केवल एक मूर्ति लगी है वह भी उपेक्षा कि शिकार हो रही है। जो कि बहुत ही चिंतनीय विषय है। पत्रकारों ने जिला प्रशासन से उनके नाम पर एक संग्रहालय और लाइब्रेरी बनवाने कि मांग का पत्रक बनाकर जनपद के जनप्रतिनियों और उच्च अधिकारियों के देने के लिए तैयार किया है। कार्यक्रम संचालन राकेश पाठक ने किया है। उन्होंने भी निजामाबाद उनके नाम से अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध  के नाम से केंद्रीय बालिका कालेज कि मांग किया है। सभी पत्रकारों ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया है कि महा कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध सभी काव्य को संग्रह कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक को उनके आने पर ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंप कर उनके नाम पर निजामाबाद में ऐतिहासिक कोई भी सरकारी सरकारी शिक्षण संस्थान या अस्पताल खुलवाने का ज्ञापन दिया जायेगा।इस अवसर पर राकेश पाठक ने कहा कि भाषा के संवर्धन और शब्द समृद्धि की दृष्टि से हरिऔध जी कृति रस कलस का महत्व है। भाषा के विकास की दृष्टि से रसकलश अन्यतम ग्रन्थ है।हिंदी साहित्य को विश्व में समृद्ध करने वाले सुप्रसिद्ध कवियों में हरिऔध जी का नाम लिया जाता है।प्रेम प्रकाश दुबे ने कहा कि खड़ी बोली में पहला महाकाव्य प्रियप्रवास लिखने के अलावा हरिऔध ने प्रियप्रवास,वैदेही बनवास,चोखे चौपदे, चुभते चौपदे, ठेठ हिंदी का ठाठ, रस कलश सहित कई ग्रन्थ लिखकर हिंदी साहित्य को समृद्ध किया।दुबे ने
कहा कि हरिऔध जी ने कविता, कहानी,नाटक उपन्यास,आलोचना सहित सभी विधाओं में अपनी कलम से लोहा मनवाया।इस अवसर पर वीरेन्द्र नाथ मिश्र, राकेश पाठक, प्रेमप्रकाश दुबे,रवि पाठक,सर्वेश तिवारी,  सन्तोष मिश्रा, जयहिंद यादव, शाह आलम ,आदि लोग शामिल रहे।

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