AZAMGARH News:राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान की जमीन पर कब्जे के आरोप, ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
Azamgarh news: Allegations of encroachment on the land of Ram Janaki Temple Seva Sansthan, villagers submitted a memorandum to the DM.

आजमगढ़। जनपद के विकासखंड सठियाव क्षेत्र के शाहगढ़ गांव में स्थित राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान की जमीन पर कथित कब्जे के आरोप को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। नाराज ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों का आरोप है कि शाहगढ़ गांव स्थित मुबारकपुर रोड पर राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान के नाम दर्ज जमीन पर गांव के ही कन्हैया अग्रवाल, भरत अग्रवाल और नरसिंह अग्रवाल के परिवार के लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन लंबे समय से मंदिर सेवा संस्थान के नाम दर्ज है और इसका उपयोग सार्वजनिक हित के साथ-साथ धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए किया जाता रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में गांव के लोगों की सहमति से इस जमीन की देखभाल की जिम्मेदारी कन्हैया अग्रवाल के परिवार को सौंपी गई थी। लेकिन अब आरोप लगाया जा रहा है कि संबंधित लोग कथित रूप से कूट रचित दस्तावेज तैयार कराकर जमीन को अपने नाम दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। इस बात की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने बैठक कर इस मामले में विरोध दर्ज कराया।ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन सार्वजनिक उपयोग की है और गांव के लोग वर्षों से यहां मेला, धार्मिक कार्यक्रम और अन्य सामाजिक गतिविधियां आयोजित करते आ रहे हैं। ऐसे में यदि इस जमीन पर निजी कब्जा हो जाता है तो गांव के लोगों को इन गतिविधियों से वंचित होना पड़ेगा।ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ग्राम सभा में यह जमीन राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान के नाम दर्ज है, लेकिन कुछ लोग कथित तौर पर फर्जी और कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो गलत तरीके से दर्ज किए गए नामों को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही जमीन को पुनः राम जानकी मंदिर सेवा संस्थान के नाम दर्ज कराते हुए उसे कब्जा मुक्त कराया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने प्रशासन के साथ-साथ प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।



