Azamgarh news :इंस्टाग्राम शॉपिंग के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार

इंस्टाग्राम शॉपिंग के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार

देशभर में 27 शिकायतें, 13 बैंक खातों के जरिए चला रहे थे साइबर फ्रॉड नेटवर्क
आज़मगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर देशभर के लोगों को ठगने वाले संगठित गिरोह का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, गुजरात के अहमदाबाद निवासी एक युवती ने 9 मार्च 2026 को एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में 24 मार्च को प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्राप्त इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने कोतवाली क्षेत्र के कोलबाजबहादुर में दबिश दी और मुखबिर की सूचना पर अवन राजभर (22) व प्रियांशू यादव (19)को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इंस्टाग्राम पर “Ganga.Hills, Ganga_hills, Ganga cloth, Velside.clothing, Velside_clothing” जैसे नामों से फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करते थे। इन विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को कम दाम में अच्छे उत्पाद देने का लालच दिया जाता था। जैसे ही कोई उपभोक्ता इन पेजों पर क्लिक करता, उसे व्हाट्सएप बिजनेस नंबर के माध्यम से संपर्क कराया जाता था।
आरोपी ग्राहकों को प्रोडक्ट की फोटो और वीडियो भेजकर विश्वास में लेते थे और फिर क्यूआर कोड के माध्यम से एडवांस भुगतान कराने के लिए प्रेरित करते थे। भुगतान मिलते ही या तो सामान भेजा ही नहीं जाता था या फिर बेहद घटिया और बेकार सामान पार्सल कर दिया जाता था। कई मामलों में ग्राहक को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि ठगी से प्राप्त धनराशि पहले आरोपियों के व्यक्तिगत बैंक खातों में मंगाई जाती थी, लेकिन बार-बार संदिग्ध लेन-देन के चलते खाते फ्रीज होने लगे, जिसके बाद उन्होंने अन्य लोगों के खातों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। पुलिस को आरोपियों से जुड़े 13 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिन पर असम, बंगाल, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से कुल 27 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 550 रुपये नगद, 13 बैंक पासबुक, एक चेकबुक, पांच एटीएम कार्ड, नौ सिम कार्ड, 30 डमी पार्सल पैकेट तथा पैकेजिंग सामग्री बरामद की है। मोबाइल फोन की जांच में ग्राहकों के साथ की गई चैट, लेन-देन से जुड़े साक्ष्य और फर्जी आईडी से संबंधित अहम डिजिटल प्रमाण भी मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड को अंजाम दे रहा था और कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से लगातार नए-नए फर्जी पेज बनाकर लोगों को निशाना बना रहा था। मामले में थाना साइबर क्राइम पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान शॉपिंग पेज या ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें और बिना पुष्टि किए किसी भी क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान न करें। साथ ही, किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराएं, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button