आजमगढ़ में छात्र की पिटाई के आरोप से शिक्षा विभाग में हड़कंप
Allegations of beating of a student in Azamgarh stir up the education department

आजमगढ़ के मुहम्मदपुर शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय शिवराजपुर में एक छात्र की कथित पिटाई का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। कक्षा चार के 11 वर्षीय छात्र सूरज की माता अंजलि यादव ने विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका श्वेता यादव पर बेटे को बेरहमी से मारने का आरोप लगाया है।पीड़ित की माता के अनुसार, जब उनका बेटा स्कूल से घर लौटा तो उसके शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिन्हें देखकर वह स्तब्ध रह गईं। उनका कहना है कि ये चोटें विद्यालय में दी गई सजा का परिणाम हैं। हालांकि, गांव की एक अन्य महिला ने छात्र की गलती होने की बात कही है, लेकिन बच्चे के शरीर पर पड़े निशानों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।वहीं, आरोपों पर सफाई देते हुए सहायक अध्यापिका श्वेता यादव ने कहा कि घटना के दिन वह अवकाश पर थीं। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि छात्र ने एक अन्य बच्चे के साथ दुर्व्यवहार करने की कोशिश की थी। उन्होंने यह भी कहा कि पूछताछ के दौरान छात्र ने पहले इनकार किया, लेकिन शारीरिक दंड दिए जाने के बाद उसने बात स्वीकार कर ली। इस बयान से मामला और गंभीर हो गया है।गंभीरपुर थाने की पुलिस के अनुसार, अभी तक कोई लिखित शिकायत (तहरीर) प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही छात्र की तस्वीरों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।गौरतलब है कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17 के तहत किसी भी बच्चे को शारीरिक या मानसिक दंड देना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इस प्रावधान के उल्लंघन पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आजमगढ़, राजीव पाठक ने कहा कि उन्हें मामले की पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन वायरल तस्वीरें बेहद विचलित करने वाली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिक्षक को बच्चे को शारीरिक दंड देने का अधिकार नहीं है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


