आजमगढ़:जीवली के अंधे मोड़ पर फिर पलटा ट्रेलर, बड़ा हादसा टला; गोल चक्कर और संकेतकों की मांग तेज

Azamgarh: Trailer overturns at a blind turn in Jeewali, major accident averted; demand for roundabouts and signage intensifies

एनएच-128ए पर डिवाइडर से टकराकर सीमेंट करकट लदा ट्रेलर पलटा, चालक फरार; ग्रामीण बोले सुरक्षा इंतजाम के अभाव में बन चुका है हादसों का हॉटस्पॉट

बरदहआजमगढ़।

राष्ट्रीय राजमार्ग-128ए पर स्थित जीवली का अंधा मोड़ एक बार फिर सड़क हादसे का गवाह बना। रविवार देर रात करीब 11 बजे सीमेंट करकट (शीट) से लदा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया और पलट गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जबकि कंडक्टर विशाल को मामूली चोटें आईं। राहत की बात रही कि दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

कंडक्टर विशाल के अनुसार ट्रेलर मछलीशहर (जौनपुर) से दरभंगा जा रहा था। जीवली मोड़ पर चालक छोटेलाल वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे ट्रेलर डिवाइडर से टकराकर पलट गया। सोमवार सुबह वाहन स्वामी रूद्र सिंह मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ट्रेलर में लदा करकट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रयागराज से गोरखपुर मार्ग पर जीवली मोड़ लंबे समय से राष्ट्रीय राजमार्ग-128ए का सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट बना हुआ है। उनका दावा है कि अब तक यहां करीब 200 से अधिक ट्रक, ट्रेलर, बस और अन्य भारी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। मोड़ पर पर्याप्त चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, हाईमास्ट लाइट, रंबल स्ट्रिप और गोल चक्कर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं के अभाव में आए दिन हादसे हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभाग से मांग की है कि जीवली मोड़ पर तत्काल गोल चक्कर, दिशा-सूचक संकेतक, रिफ्लेक्टर तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराई जाए, ताकि लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

ठेकमा चौकी प्रभारी राजेंद्र प्रसाद पटेल ने बताया कि जीवली मोड़ से मोहम्मदपुर तक का क्षेत्र दुर्घटना संभावित (एक्सीडेंटल एरिया) घोषित है। सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं।

वहीं, बरदह थाना प्रभारी चंद्रदीप कुमार ने बताया कि जीवली मोड़ की समस्या से शासन को अवगत कराया गया है। यहां गोल चक्कर और प्रभावी संकेतक लगाए जाने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

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