आजमगढ़ शाहरुख खान हत्याकांड में अंतिम संस्कार को लेकर अड़ा परिवार, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा की पहल पर दफनाने को हुए तैयार

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर परिजनों का कड़ा रुख, गांव में तैनात रही आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस फोर्स

आजमगढ़, 29 अक्टूबर: जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गौरी गांव में 30 वर्षीय शाहरुख खान की गला रेतकर हत्या के मामले में बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव दफनाने से इनकार कर दिया। परिजनों के इस कड़े रुख को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। शाहरुख के घर के आसपास आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही।मृतक शाहरुख खान पुत्र मुस्तफा गौरी गांव की नट बस्ती का निवासी था। बताया जाता है कि वह बोलने में असमर्थ था और पाव रोटी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मंगलवार शाम घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। डायल-112 और गंभीरपुर पुलिस को सूचना देने के साथ ही गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की गई। बुधवार सुबह गौरी गांव में नट बस्ती के पास बहाव वाले स्थान पर उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक की गला रेतकर हत्या किए जाने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।

गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे परिजन, फ्रीजर में रखा गया शव

शाहरुख की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए स्पष्ट कर दिया कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक शव को दफन नहीं किया जाएगा। इसके लिए परिवार ने शव को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर का भी इंतजाम किया था। परिजनों के विरोध और उनकी मांग को देखते हुए पुलिस प्रशासन के सामने स्थिति को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

डॉ. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा ने परिजनों को समझाया

इसी बीच वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर वह गौरी गांव की नट बस्ती पहुंचे और शाहरुख के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने करीब दो घंटे तक परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने परिजनों की पीड़ा सुनी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें राजी करने की पहल की।डॉ. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा के प्रयासों के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शाहरुख खान को दफनाया गया। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने तक डॉ. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा गांव की नट बस्ती में ही मौजूद रहे। अंतिम संस्कार संपन्न होने के बाद ही वह वहां से अपने घर के लिए रवाना हुए।

परिजनों की मांग और पुलिस जांच पर टिकी निगाहें

शाहरुख खान की हत्या के बाद परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा रहा। इस दौरान गांव में पुलिस बल की तैनाती और वरिष्ठ भाजपा नेता की मौजूदगी के बीच स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए। डॉ. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा की पहल से परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए, जिससे शव दफनाने को लेकर बना गतिरोध समाप्त हो सका।फिलहाल शाहरुख की हत्या किसने और किन परिस्थितियों में की, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या के कारणों को लेकर परिवार तथा ग्रामीणों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। इस मामले में पुलिस की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

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