गाजीपुर:शिक्षक नेता पर कार्यवाही के बाद मचा हड़कंप,बी.ई.ओ करंडा पर लगायें आरोप

[responsivevoice_button rate="1" pitch="1.0" volume="0.9" voice="Hindi Female" buttontext="Listen This News"]

रिपोर्ट: सुरेश चंद पांडे

गाजीपुर। शिक्षा क्षेत्र करंडा में नये खंड शिक्षा अधिकारी करंडा रवीन्द्र सिंह द्वारा शिक्षक नेताओं पर की गयी कार्यवाही के बाद घटना ने नया मोड़ ले लिया है। कार्यवाही से बौखलाये शिक्षक नेता ने सोशल मीडिया ग्रुप और अन्य माध्यम से बी.ई.ओ के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाना प्रारंभ कर दिया है। सूत्रों की मानें तो शिक्षा क्षेत्र -करंडा में पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी राघवेंद्र सिंह के समय में कतिपय शिक्षक नेता बी.आर.सी को अपना अड्डा बनाकर शिक्षकों का शोषण व भ्रष्टाचार में संलिप्त थे। यहां तक कि उस दौरान करंडा ब्लाक के लगभग सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापको से पी.एफ.एम.एस पोर्टल पर कंपोजिट ग्रांट की धनराशि का भुगतान के नाम पर भी शिक्षक नेताओं द्वारा प्रधानाध्यापको से मोटी रकम कमीशन के रूप में वसूली की जा चुकी है जिसके बारे में पूर्व में खंड शिक्षा अधिकारी राघवेंद्र सिंह के सामने ही शिक्षकों की बैठक में बी आर सी पर प्रधानाध्यापको द्वारा इसकी शिकायत की गयी थी लेकिन राघवेंद्र सिंह द्वारा दबाव में आकर इन शिक्षकों पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी। इसी बीच बी.ई.ओ राघवेंद्रसिंह का स्थानांतरण भांवरकोल ब्लाक में होने के पश्चात नये बी.ई.ओ रवीन्द्र सिंह की तैनाती अक्टूबर माह में करंडा में हुई। नये बी.ई.ओ द्वारा शासन की मंशा के अनुरूप गलत ढंग से बी.आर.सी पर रहकर कार्य कर रहे शिक्षकों को विद्यालय जाकर काम करने का दबाव बनाया जाने लगा जिस पर शिक्षक नेताओं द्वारा शिक्षक सोशल मीडिया ग्रुपो में अनाप शनाप बयान दिया जाने लगा। जिस पर बी.ई.ओ की रिपोर्ट पर पूर्व में एक शिक्षक नेता को बीएसए हेमंत राव द्वारा दिसंबर माह 2023 निलंबित कर दिया गया और अभी हाल में फरवरी माह में विद्यालय से अनुपस्थित रहने पर एक और शिक्षक नेता दिग्विजय सिंह का भी एक दिन का वेतन बी.ई.ओ की रिपोर्ट पर बीएसए द्वारा बाधित कर दिया गया है। निपुण आकलन में भी कंपोजिट विद्यालय ढेलवां ,करंडा का आकलन शून्य की‌ दशा में शासन के आदेश के क्रम में बीएसए द्वारा दिग्विजय सिंह प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित समस्त स्टाफ का वेतन रोका जा चुका है। सूत्र बताते हैं कि इसी कार्यवाही से बौखलाकर अब दिग्विजय सिंह द्वारा अनाप शनाप आरोप लगाकर भ्रमित किया जा रहा है। इस संदर्भ में बी.ई.ओ करंडा रवींद्र सिंह द्वारा यह बताया गया है कि मेरे ऊपर ईमानदारी से शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के कारण कुछ शिक्षक नेता अनाप शनाप मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। शिक्षकों के बकाया वेतन या अवकाश संबंधी कोई भी पेंडेंसी मेरे स्तर पर लंबित नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही हेतु पूर्व में ही बीएसए को रिपोर्ट प्रेषित की जा चुकी है। पूर्व में दिग्विजय सिंह द्वारा बीएसए के ऊपर भी अनुशासनहीनता करते हुये आधारहीन तथ्यों के आधार पर सोशल मीडिया ग्रुपो में आरोप लगा चुके हैं। विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले व शासन की मंशा के अनुरूप कार्य न करने वाले शिक्षकों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा।
खंड शिक्षा अधिकारी करंडा रवीन्द्र सिंह सरल व मृदु भाषी स्वभाव के अधिकारी हैं। उनकी पत्नी भी उच्च न्यायालय प्रयागराज में अधिकारी पद पर कार्यरत हैं। जो शिक्षक पूर्व में बी.आर.सी पर जमकर अपना अड्डा बनाये हुये थे, उनको अब विद्यालय जाने पर कष्ट होना लाजमी है। इन शिक्षकों के बी.आर.सी पर अविधिक रूप से कार्य करने व शिक्षकों का शोषण किये जाने के बारे में पूर्व में भी एक पत्रकार द्वारा यह बात उठायी गयी थी जिस पर उस पत्रकार की आवाज को भी कुछ लोगों द्वारा दबाने का प्रयास किया गया था।
अब देखना है कि शासन की मंशा के अनुरूप यह शिक्षक नेता अपने विद्यालय पर उपस्थित होकर बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य करते हैं या फिर बी ई ओ और बी एस ए पर आरोप लगाकर शिक्षक राजनीति में अपना परचम लहराते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button