आजमगढ़:जब पढ़ाने मे अध्यापक करने लगे घोटाला,तब 1 घंटे तक ग्रामीणो ने विद्यालय में बंद रखा ताला

रिपोर्ट: रोशन लाल
शिक्षा क्षेत्र हरैया के कंपोजिट विद्यालय जोकहरा, समय से नहीं पहुंचते अध्यापक, कंपोजिट विद्यालय का बंद किया ताला,
हमेशा लेट लतीफ आते हैं शिक्षक ,ग्रामीण हुए आक्रोशित,
आज सुबह 9:15 बजे तक जब विद्यालय पर शिक्षक नहीं पहुंचे तो ग्रामीण स्कूल का ताला बंद कर दिए, 1 घंटे बाद करीब 10:00 बजे जब गांव के कुछ लोग पहुंचे और उच्च अधिकारियों से बात हुई तो स्कूल का गेट खोला गया।कंपोजिट स्कूल जोकहरा शिक्षा क्षेत्र हरैया आजमगढ़ में कुल 10 शिक्षक तैनात हैं ।जिसमें चार शिक्षक अवकाश पर बताए गए। विद्यालय में प्रधानाध्यापक सुरेंद्र पांडे , ने काफी सिफारिश किया और कहा कि आगे इस तरह नहीं होगा।सहायक अध्यापक राजेश कुमार राय, कर्मवीर यादव ,अलाउद्दीन, श्रेया राय अवकाश पर बताए गए। सुनील भारती ,नरेंद्र ,संजय यादव और दो शिक्षामित्र सहित कुल 10 अध्यापक हैं ।आज सुबह समय से 9:00 बजे विद्यालय जब नहीं खुला तो ग्रामीण 9:15 बजे के लगभग स्कूल में ताला बंद कर के गेट पर इंतजार करते रहे।और उसके बाद 10:00 बजे तक गेट पर खड़े रहे। 10:00 बजे जाकर प्रधानाध्यापक के सिफारिश पर ग्रामीणों ने ताला खोल दिया। इसकी सूचना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आजमगढ़ को दी गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर आजमगढ़ ने बताया अभी इसको हम दिखवा रहे हैं ।इसके बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी ।खंड शिक्षा अधिकारी से बात नहीं हो पाई ।फोन नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप रहा है कि आए दिन यह शिक्षक कभी 9:00 बजे नहीं आते ,10:00 बजे के लगभग ही आते हैं ।करीब एक घंटा विलंब से स्कूल पर आना होता है ।विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित होता है ।इसकी शिकायत की गई ।पर किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मजबूर होकर यह कार्रवाई करनी पड़ी। सुधार नहीं हुआ तो विद्यालय को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।गांव के निक्कू राय, दिनेश यादव , शिवलाल गोण, नवनीत राय, सत्यम राय ,दिनेश यादव, आशुतोष ,चंदन राय, सुरेंद्र राय, पिंटू शर्मा , सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।सहित ग्रामीणों ने बताया की लापरवाही बराबर रहती है। विद्यालय में समय से आना-जाना नहीं होता है और शिक्षण कार्य जिससे प्रभावित होता है और इसके कारण बच्चों को पढ़ना कंपोजिट विद्यालय में मुमकिन नहीं है ।शिक्षकों के लापरवाही के चलते छात्रों की संख्या भी कम है। प्रधानाध्यापक के लापरवाही से विद्यालय की यह दुर्गति हुई है।



