बलिया:भारतीय संस्कृति परिसर चलो अभियान के तहत हुआ गोष्ठी

रिपोर्ट: सुरेश चंद पांडे
नगरा/बलिया: भारतीय परिसर संस्कृति को पुनर्स्थापित करेगा अभाविप का परिसर चलो अभियान प्रो. सुषमा पाण्डेय महिला महाविद्यालय नगरा में अभाविप द्वारा परिसर चलो अभियान के निमित्त संगोष्ठी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रसड़ा जिले द्वारा परिसर चलो अभियान पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अथिति के रूप में उपस्थित गोरक्ष प्रांत की पूर्व प्रांत अध्यक्ष प्रो. सुषमा पांडेय जी ने परिसरों को जीवंत बनाने एवं परिसर संस्कृति को पुनर्स्थापित करने हेतु अभाविप की देशव्यापी मुहिम परिसर चलो अभियान, महिला महाविद्यालय, नगरा में उद्बोधन किया तथा विवेकानंद जी से अनुप्राणित होकर देश के विद्यार्थियों को इस अभियान में सहभागिता हेतु आह्वान किया गया।अभाविप देवरिया एवम बलिया विभाग के विभाग संगठन मंत्री अवनीश राय मानस ने कहा विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना कल से ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं राष्ट्र पुनर्निर्माण के भाव के साथ काम कर रही है । विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यसमिति एवं कार्यकारी परिषद बैठक में विद्यार्थियों की परिसर में घटती उपस्थिति से उपजे चिंतन के परिणामस्वरूप परिसर चलो अभियान की घोषणा की गई थी।
परिसर चलो अभियान एक जनांदोलन है, इसको परिसरों में अध्ययनरत छात्रों के मध्य वर्षभर चलाने की योजना है। प्रथम चरण में छात्र संवाद, छात्र संसद, प्रेरक उद्बोधनों, विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की परिसरों के प्रति रुचि बढ़ाने एवं परिसरों में छात्रसंघ, विद्यालयों में प्रायोगिक कक्षाएं तथा कला, खेल, सेवा और पर्यावरण संबंधी प्रकल्प की शुरुवात से परिसरों में सकारात्मक माहौल बनाने पर जोर दिया जाएगा। द्वितीय चरण में शिक्षा क्षेत्र के सभी हितधारकों से संवाद कर इस दिशा में कार्य कर परिसर जीवंत बनाने, रोज़गार सृजन का केंद्र बनाने एवं परिसर को रुचिकर बनाने हेतु कैंटीन, खेल प्रांगण तथा छात्र कल्याण केन्द्र जैसी व्यवस्थाओं को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्य अतिथि प्रो. सुषमा पांडेय ने कहा कि विवेकानंद जी द्वारा दी गई शिक्षा आज इतने वर्षों पश्चात भी प्रासंगिक हैं। स्वामी जी का मानना था कि भारत की आध्यामिकता का जीवित रहना विश्व के लिए आवश्यक है, आज उसी भारतीय संस्कृति को युवा भूलते जा रहे हैं। अपनी उन्नत संस्कृति हो पुनः आत्मसात करने की आवश्यकता है, इसी से राष्ट्र पुनर्निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया जा सकेगा। जिला प्रमुख संजय पाण्डेय ने कहा कि की अभाविप द्वारा परिसर चलो अभियान की शुरुवात की जा रही है, इस पहल से परिसर को पुनः जीवंत बनाया जा सकेगा। आज के युग में विद्यार्थियों को मैकाले की शिक्षा पद्धति से निकालने के प्रयास करने पड़ेंगे और सही मायनो में शिक्षा का अर्थ चारित्रिक और व्यवहारिक विकास है इसे स्थापित करना पड़ेगा कार्यक्रम का संचालन शानू शर्मा द्वारा किया गया। जिसमें मुख्य रूप से जिला संगठन मंत्री ऋषभ सिंह, महिला महाविद्यालय की प्रबंधक किरण सोनी, अनुराग तिवारी साहित समस्त कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।



