मुंबई से चलकर आइडियल पत्रकार संगठना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मिश्रा, रवि दीक्षित राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं मुख्य सम्पादक न्यूज़भारत24 और रामायण सिंह आजमगढ़ अध्यक्ष का अयोध्या में हुआ आगमन

आइडियल पत्रकार संगठना का स्थापना दिवस भी अब पूरे भारत मे 19/03 को ही प्रत्येक वर्ष मनाया जायेगा।
उत्तर प्रदेश मे आइडियल पत्रकार संगठना के बिस्तार के लिए नए पदाधिकारी की घोसणा की गयी।
रिपोर्ट। विपिन तिवारी सुल्तानपुर।
सुल्तानपुर । आज दिनन्क् 19/03 आइडियल पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मिश्रा एवं न्यूज़ भारत24 के प्रधान संपादक रवि दीक्षित एवं आजमगढ़ संवाददाता रामायण सिंह का आज अयोध्या आगमन पर प्रेस क्लब में अयोध्या के सभी वरिष्ठ पत्रकारों ने जोरदार स्वागत किया और इसी दौरान आज का परिणाम के मुख्य सम्पादक वीरेंद्र गुप्ता रहे उपस्थित। बताते चलें कि यहीं पर आइडियल पत्रकार संगठना के उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष की भी घोषणा किया गया। अजय मिश्रा के द्वारा मुख्य रूप से रवि दीक्षित को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, रामायण सिंह को आजमगढ़ का अध्यक्ष, पंकजमणि उपाध्याय जौनपुर का अध्यक्ष, विपिन तिवारी को सुल्तानपुर का अध्यक्ष, डॉ॰ एस॰ के॰ मौर्य को अयोध्या का अध्यक्ष, धर्मेंद्र मिश्रा को अयोध्या का उपाध्यक्ष, हर्ष विश्वकर्मा को अयोध्या का मीडिया प्रभारी, मोईद खान को अयोध्या का कोषाध्यक्ष, इसके साथ यशपाल, ललित मिश्रा,दीपक,एवं वहीद खान को कार्यकारिणी सदस्य घोषित किया गया।
आगे अजय मिश्रा के द्वारा संबोधन में कहा गया कि कि यह आइडियल पत्रकार संगठन सभी पत्रकारों के हित के लिए कार्य करता है वह चाहे जिस भी किसी पेपर से हो किसी भी न्यूज़ चैनल से हो उनका हर संभव उनकी मदद के लिए यह संस्था सदैव तत्पर रहती है।
उसके साथ-साथ प्रशांत शुक्ला को प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। तत्पश्चात पूरी टीम श्री राम जन्मभूमि प्रभु श्री रामलला के दर्शन के लिए गए। उसके पश्चात हनुमानगढ़ी पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन किए और पीठाधीश्वर महंत कल्याणदास महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। महंत कल्याणदास ने अपने आशीर्वचन से कहा कि वर्तमान में आशाराम जैसे बुरी छवि वाले लोगों की वजह से पत्रकारों द्वारा सभी संत महात्माओं की छवि धूमिल की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संत कोई वेशभूषा नहीं है अपितु एक आदर्श, मनुष्यों को अध्यात्म से जोड़ने वाला और समाज को सही राह दिखाने वाला व्यक्तित्व है।
अन्त में महंत जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सभी वरिष्ठजनों ने कहा कि अयोध्या में आकर अपने को बहुत धन्य माना और उसके पश्चात सभी वरिष्ठजन अपने गन्तव्य की ओर रवाना हुए।



