Ballia Big Breaking… कैसे रहते होंगे राजकीय बाल(बालिका) गृह में बच्चे,किससे कहते होंगे अपना दर्द…

रिपोर्ट अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स
बलिया। स्वच्छता ही सेवा है,गंदगी जानलेवा है, जी हां सही पढ़ा आपने… लेकिन जो वाक्य लिखा गया है, इसका सीधे तौर पर मजाक अगर कहा जाए तो गलत नहीं होगा. यह केवल अभी बानगी थी, आगे आपको और दिखाते हैं. आपको बता दें यह बलिया सदर तहसील अंतर्गत निधरिया गांव स्थित राजकीय बाल (बालिका) गृह है, जो बाहर से सफाई की धज्जियां उड़ा रहा है, अंदर क्या होगा ,भगवान ही मालिक हैं.
जब कोरोना काल शुरू हुआ तो न केवल हिंदुस्तान बल्कि विश्व थर्रा गया था. तब भारत सरकार ने स्वच्छता को लेकर तमाम जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार किया. उसी में से प्रचार प्रसार का एक हिस्सा राजकीय बालिका गृह के दीवार पर दिखाई दे रहा है, जिसके ठीक उल्टा बालिका गृह की दीवार के पास ही नाला सफाई का जीता जागता उदाहरण है. जिसे देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इसकी बदबू ( दुर्गंध ) कहां तक जाती होगी. वहीं इस राजकीय बालिका गृह के अंदर कैसे बालिकाएं होंगी , आप समझ सकते हैं. अंदर रह रही बालक बालिका अपनी दर्द को किस बयां कर रहे होंगे या अभी एक विचारणीय तथ्य है अब देखना होगा कि इस पर जिम्मेदार कितना गंभीर होते हैं या कुंभकरण नींद में ही पड़े रहते हैं.



