सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड की निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत अर्जी खारिज की
The Supreme Court on Wednesday dismissed the bail plea of suspended Jharkhand IAS officer Pooja Singhal

सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद झारखंड की निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उनकी याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई और बहस के बाद अदालत ने उन्हें बेल देने से इनकार कर दिया।
रांची, 29 अप्रैल: सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद झारखंड की निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उनकी याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई और बहस के बाद अदालत ने उन्हें बेल देने से इनकार कर दिया।
पूजा सिंघल को झारखंड के खूंटी में मनरेगा घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। इसके पहले एजेंसी ने उनके आवास सहित विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान उनके पति अभिषेक झा के सीए सुमन कुमार के आवास से 20 करोड़ रुपए नकद बरामद किए थे। जेल भेजे जाने के बाद झारखंड सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
कोर्ट ने उन्हें पुत्री के इलाज के लिए कुछ दिनों के लिए जमानत दी थी, लेकिन बाद में उन्हें फिर सरेंडर करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद सिंघल ने 12 अप्रैल 2023 को रांची ईडी की विशेष कोर्ट में सरेंडर किया था। तब से वह रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनके पति अभिषेक झा भी आरोपी हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से उन्हें अग्रिम जमानत मिली हुई है। पूजा सिंघल ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई थी। उनके वकील ने दलील दी थी कि पूजा सिंघल 585 दिनों से जेल में बंद हैं। ईडी ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। उनका स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा है। इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।



