आजमगढ़ के मंडलीय जिला अस्पताल में वर्चस्व को लेकर पूर्व दो वरिष्ठ चिकित्सकों में तनातनी

Report:Roshan Lal
बिलरियागंज आजमगढ़ शहर के हर्रा की चुंगी स्थित मंडलीय जिला अस्पताल में एक बार फिर वर्चस्व की जंग देखने को मिली रही है। शासन द्वारा एसआईसी पद पर नए डॉक्टर की तैनाती के बाद निवर्तमान का नेम प्लेट व तौलिया आदि एक वरिष्ठ चिकित्सक ने उठवा कर फेकवा दिया। नई एसआईसी की ज्वाइनिंग के पहले ही हुई इस घटना से अस्पताल में हड़कंप मच गया।(Once again the war of supremacy is being seen in the Divisional District Hospital located at Harra ki Chungi of Azamgarh city. After the appointment of a new doctor on the post of SIC by the government, a senior doctor got the name plate and towel etc. of the outgoing one thrown away. This incident, which happened even before the joining of the new SIC, created a stir in the hospital)इसके बाद शासन के निर्देशों के अनुरूप कवायद शुरू की गई। मंडलीय जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ डॉक्टरों के बीच वर्चस्व की जंग अक्सर ही देखने को मिलती है। शासन ने जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक पद पर अब डॉ. रीता दुबे की तैनाती किया है। इस समय बतौर प्रभारी एसआईसी का काम डॉ. एल जे यादव देख रहे है। डॉ. रीता दुबे के पदभार ग्रहण करने के पूर्व ही एक वरिष्ठ डॉक्टर दो बाहरी लोगों को लेकर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक कक्ष पर पहुंचे और वर्तमान एसआईसी डॉ. एल जे यादव का नेम प्लेट उठा कर फेंक दिया। इसके साथ ही कुर्सी पर रखे उनके तौलिया आदि को भी बाहर फेकवा दिया गया।इस बाबत जब वर्तमान एसआईसी डॉ. एल जे यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शासन का पत्र उन्हें अभी नहीं मिला है। इसके पूर्व ही डॉ. चंद्रहास दो बाहरी लोगों के साथ उनके कक्ष पर पहुंचे। उस समय गार्ड सूर्य प्रताप राय व वार्ड ब्वाय दयाराम मौके पर मौजूद थे। डॉ. चंद्रहास ने उनके नेम प्लेट, तौलिया आदि को फेकवा दिया। जो नियमतः गलत है। शासन का पत्र आने पर मैं खुद ब खुद संबंधित को चार्ज सौंप देता। डॉक्टरों के बीच वर्चस्व की जंग को देखते हुए शुक्रवार को अस्पताल में गहमा-गहमी का माहौल देखने को मिला।In view of the war of supremacy among the doctors, there was an atmosphere of excitement in the hospital on Friday.



