Balia News:न सभी वाहन स्टैंड नगर से बाहर किए न वन वे का पालन हो रहा

रिपोर्ट अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स
बलिया शहर में जाम की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इससे राहत दिलाने को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती। जिला मुख्यालय हो या अन्य नगरीय व प्रमुख बाजार हर जगह जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है।
चार वर्ष पहले सभी वाहन स्टैंडों को नगर से बाहर कर यात्रियों के आने-जाने के लिए नगर में ई-रिक्शा की शुरुआत हुई। इनका मनमाना संचालन अब धीरे-धीरे लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। नगर के चित्तू पांडेय चौराहा, रेलवे स्टेशन-चौक मार्ग, विशुनीपुर चौराहा, ओक्डेनगंज चौराहा पर ई-रिक्शा सड़क पर खड़े करने के चलते से मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता है। इसके अलावा इन मार्गों के दोनों पटरियों पर दुकानदारों का कब्जा होने के कारण पूरे दिन जाम लगने से लोगों को घंटों जूझना पड़ता है। यही हाल अन्य नगरीय इलाकों व प्रमुख बाजारों की भी है। एनएच 31 भी इससे अछूता नहीं है। गंगा पर भरौली-बक्सर के बीच पुल चालू होने के बाद बड़े वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण आए दिन इस मार्ग पर कहीं न कहीं लंबा जाम लगता है जिसके चलते लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। वाहन स्टैंड फिर से शहर में ही आ गए हैं। वन-वे का भी ठीक से पालन नहीं कराया जाता है।
एक किमी की दूरी में आए दिन लगता है जाम
जाम की समस्या गहराने लगी है। रेलवे चौराहे से चरण सिंह त्रिमुहानी तक करीब एक किलोमीटर मार्ग पर कहीं न कहीं जाम की स्थिति बनी रहती है। खासतौर पर यह स्थिति मुख्य सड़क की दोनों तरफ की पटरियों पर अवैध अतिक्रमण के चलते उत्पन्न हो रही है। कुछ गुमटी दुकानदार अपनी दुकान के सामानों को पटरी तक फैला देते हैं। साथ ही ठेले-खोमचे व सब्जी वाले पटरियों पर अस्थाई रूप से काबिज रहते हैं। इसके अलावा दुपहिया और चार पहिया वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं। ऐसे में दो विपरीत दिशाओं से आने- जाने वाले वाहनों को पास देते समय सड़क के दोनों तरफ जाम लग जाता है। जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन संजीदा नहीं है। ऐसे में लोगों में नाराजगी है।
नगर में जाम से राहत दिलाने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सड़क किनारे खड़ी वाहनों का चालान भी किया जाता है। ई-रिक्शा संचालन को रूट तय किया गया है, इसमें लापरवाही पर उनका चालान किया जा रहा है।



