विकास की ‘गंगा’ नहीं बलिया में ‘नालियां’ बह रहीं; युवाओं ने रोजगार और सड़क का उठाया मुद्दा

चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ मंगलवार को बलिया लोकसभा क्षेत्र में पहुंचा। दोपहर में युवाओं से उनके मुद्दों पर सवाल पूछे गए। इस दौरान सड़क, बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दा उठाया गया। 

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रिपोर्टर अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स

 

 

 

हिंद एकता टाइम्स डिजिटल टीम लोकसभा चुनाव को लेकर ग्राउंड जीरो पर मौजूद है और सत्ता का संग्राम अभियान के तहत जनता का मन टटोलने का प्रयास कर रही है। इस कड़ी में टीम मंगलवार को बलिया जिले में पहुंची। सुबह चाय पर चर्चा कर आम मतदाताओं के मुद्दों को टटोलने के बाद दोपहर में युवाओं से चर्चा के लिए टीम जापलिनगंज के राधा कृष्ण एकेडमी में पहुंची। यहां युवाओं ने अपना-अपना पक्ष खुलकर रखा।

 

 

 

अमित दुबे ने कहा कि इस सरकार में उद्योग में जिला पिछड़ा है। जिससे बेरोजगारी की समस्या बढ़ी है। वहीं अभिषेक सोनी ने कहा कि 2014 के बाद काफी विकास हुआ। सड़कों का जाल बिछाया गया, रेल कनेक्टविटी हुई। कहा कि वीरेंद्र सिंह मस्त के संसद बनने के बाद बहुत विकास हुआ।

 

अंगद मिश्रा ने कहा कि भाजपा सरकार में रोजगार नहीं है। युवा मेहनत और पैसा खर्च कर पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है। अग्नीवीर से युवाओं को बर्बाद किया गया। इस योजना में युवाओं को चार साल में ही रिटायर कर रहे हैं। इस सरकार में पेंशन बंद किया गया।  कहा कि इस बार सभी युवा इंडी गठबंधन को चुनें। राहुल 30 लाख पद भरेंगे। रानू पाठक कहते हैं कि युवा बेरोजगार हैं, पेपर लीक हो रहा है।

 

बबलू गोंड कहते हैं कि इस सरकार ने काफी सुधार किया है। 24 घंटे बिजली मिल रही है। सूरज तिवारी कहते हैं कि महिला सुरक्षा को बढ़ाने के साथ ही एमएसएमई से रोजगार दिया जा रहा है। शिक्षा की अच्छी व्यवस्था की गई है। हमारा देश आगे बढ़ रहा है। अंजलि ने कहा कि राहुल को चांस देंगे।

 

अनिल पांडे ने कहा कि किसान परेशान हैं। बडे लोगों का कर्ज माफ किया जा रहा है। यह लड़ाई जनता बनाम सरकार की है। हर काम के लिए पैसा मांगा जा रहा है, भ्रष्टाचार बढ़ गया है। इस बार बलिया बदलाव करेगा। सरकार के पास धरातल पर कुछ नहीं है। ये सरकार जनता के भावनाओं से खेलती है।

 

इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ निजी स्कूलों में पढ़ाने वाली शिक्षिकाओं ने कहा कि सरकारी नौकरी नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी को प्राथमिकता देने की मुख्य वजह स्थिरता और पैसा है। सरकार वही चाहिए जो रोजगार दे। युवाओं को सरकारी नौकरी दे।

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