भारतीय शैली की कुश्ती को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले थे रोशन लाल

Roshan Lal was the pioneer of Indian style wrestling internationally

[responsivevoice_button rate="1" pitch="1.0" volume="0.9" voice="Hindi Female" buttontext="Listen This News"]

नई दिल्ली, 27 मई : राष्ट्रपति द्वारा गुरु द्रोणाचार्य पुरस्कार से पुरस्कृत दिवंगत रोशन लाल की 27 मई को चौथी पुण्यतिथि है। इस मौके पर भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के सभी पदाधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी, सभी ने एक स्वर में कहा कि भारतीय शैली की कुश्ती के उत्थान के लिए हमेशा स्व. गुरु रोशन लाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, वे और उनके कार्य कई सदियों तक याद किए जाएंगे।

 

इस मौके पर भारतीय शली कुश्ती महासंघ के कार्यवाहक अध्यक्ष जितेंद्र नफे राठी ने कहा कि दिवंगत गुरु रोशन लाल द्वारा भारतीय शैली कुश्ती के उत्थान के लिए किया गया कार्य ऐतिहासिक है। भारतीय शैली कुश्ती, कुश्ती की जननी मां है, भारत का हर पहलवान पहले भारतीय शैली कुश्ती के द्वारा ही एक संपूर्ण पहलवान बनता है ।

 

भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के महासचिव गौरव रोशन लाल ने बताया कि वह अपने पिता तथा पूर्व द्रोणाचार्य पुरस्कृत कोच साहब के इस सपने को भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के माध्यम से पूरा करने के लिए प्रयासरत है।

 

इस मौके पर महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा जिनमें विशेष रूप से, रामाश्रय यादव (चेयरमैन), शिव कुमार शर्मा (वरि. उपाध्यक्ष), अर्जुन यादव (उपाध्यक्ष), मो. हनीफ़ राज (कोषाध्यक्ष), यशपाल बक्शी (सलाहकार), ज्ञान सिंह, (ओलंपियन, ध्यानचंद अवार्ड), कृपाशंकर पटेल (अर्जुना अवार्ड), ओमबीर सिंह (अर्जुना अवार्ड) आदि लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

Related Articles

Back to top button